जब दिल्ली में रह रही हर महिलाएं DTC में मुफ्त सफर कर रही थीं तो पिंक कार्ड की क्या जरूरत थी?- सौरभ भारद्वाज

Delhi News: दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना में प्रस्तावित पिंक कार्ड व्यवस्था को लेकर सौरभ भारद्वाज ने स्पष्टता और पारदर्शिता की मांग की.

Delhi News: दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना में प्रस्तावित पिंक कार्ड व्यवस्था को लेकर सौरभ भारद्वाज ने स्पष्टता और पारदर्शिता की मांग की.

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Yashodhan Sharma
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Saurabh Bhardwaj

Saurabh Bhardwaj Photograph: (NN)

Delhi News: 'आप' दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना में प्रस्तावित पिंक कार्ड व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि अब तक दिल्ली में रहने वाली सभी महिलाएं डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ पिंक टिकट के माध्यम से ले रही थीं. इस व्यवस्था के तहत किसी भी राज्य से आकर दिल्ली में रह रही महिला बस में चढ़कर आसानी से मुफ्त टिकट प्राप्त कर सकती थी.

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सौरभ भारद्वाज ने उठाए ये सवाल

हाल ही में यह चर्चा सामने आई है कि मुफ्त यात्रा के लिए पिंक टिकट की जगह पिंक कार्ड लागू किया जा सकता है. इस पर सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि जब मौजूदा व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही थी तो नई कार्ड प्रणाली की आवश्यकता क्यों महसूस की गई. उनका कहना है कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पिंक कार्ड किन शर्तों पर जारी किया जाएगा और इसके लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी.

विस्तार से जानकारी सार्वजनिक की जाए

सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं रहती हैं जिनके पास अन्य राज्यों का आधार कार्ड है. ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि क्या उन्हें पिंक कार्ड बनवाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ेगा या नहीं. उनका मानना है कि नई प्रक्रिया लागू करने से पहले सभी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए.

नई व्यवस्था को बनाया जाए सभी पात्र महिलाओं के लिए सुलभ

सौरभ भारद्वाज के अनुसार, मुफ्त टिकट व्यवस्था में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की संभावना नहीं थी, क्योंकि कंडक्टरों को तय वेतन मिलता है और निजी बसों को प्रति किलोमीटर के आधार पर भुगतान किया जाता है. उन्होंने सुझाव दिया कि यदि नई व्यवस्था लागू की जाती है तो इसे सरल, पारदर्शी और सभी पात्र महिलाओं के लिए सुलभ बनाया जाना चाहिए.

महिलाओं के अधिकारों को प्राथमिकता

AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि किसी भी नई प्रक्रिया को लागू करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि महिलाओं को अनावश्यक कागजी कार्यवाही या अतिरिक्त भागदौड़ का सामना न करना पड़े. उनका मानना है कि महिलाओं की सुविधा और अधिकारों को प्राथमिकता देना सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए.

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