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Sanjay Singh Photograph: (NN)
Delhi News: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व सांसद संजय सिंह ने दिल्ली में चल रही प्रीपेड टैक्सी योजना से जुड़े 112 कर्मचारियों को हटाए जाने के मुद्दे को उठाया है. बुधवार को आम आदमी पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों ने करीब 40 वर्षों तक इस योजना को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है. अचानक उन्हें नौकरी से हटाया जाना उनके भविष्य के लिए चिंता का विषय है.
क्या है इस प्रीपेड टैक्सी की कहानी
संजय सिंह ने बताया कि वर्ष 1986 में दिल्ली पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रीपेड टैक्सी व्यवस्था शुरू की थी. इस व्यवस्था के तहत बूथ से टैक्सी बुक की जाती थी और यात्रियों की निगरानी की जाती थी, जिससे सुरक्षित सफर सुनिश्चित हो सके. योजना के संचालन के लिए सर्विस चार्ज लिया जाता था, जिससे कर्मचारियों का वेतन और रखरखाव का खर्च निकलता था. उन्होंने दावा किया कि कर्मचारियों की मेहनत से योजना में लगभग 10 करोड़ रुपये की एफडी भी बनी.
ऐप आधारित सिस्टम में बदल रही व्यवस्था
AAP सांसद ने कहा कि अब इस व्यवस्था को ऐप आधारित सिस्टम में बदला जा रहा है. ऐसे में लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को हटाया जा रहा है, जबकि कुछ कर्मचारी अभी भी असमंजस की स्थिति में हैं. संजय सिंह ने सरकार से मांग की कि नई व्यवस्था लागू करते समय पुराने कर्मचारियों को समायोजित किया जाए और उनकी सेवाओं को जारी रखा जाए.
कर्मचारियों ने क्या कहा
प्रेस वार्ता में मौजूद कर्मचारियों ने भी अपनी बात रखी. उनका कहना था कि उन्हें बिना पर्याप्त सूचना के हटाया गया है. कई कर्मचारी 50 से 60 वर्ष की आयु के हैं और वर्षों से इसी काम पर निर्भर थे. कुछ कर्मचारियों ने यह भी बताया कि उन्हें नियमित करने और ‘समान काम समान वेतन’ से जुड़े मामलों में पूर्व में न्यायालय से निर्देश मिले थे. कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें दोबारा नौकरी पर लिया जाए और उनकी सेवाओं को नई व्यवस्था में शामिल किया जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके.
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