दिल्ली में खुले नाले बने मौत का जाल, कमल ध्यानी की घटना के बाद एक और हादसा; रोहिणी में युवक की दर्दनाक मौत

दिल्ली के रोहिणी में मंगलवार को खुले नाले में गिरने से 30 वर्षीय मजदूर बिरजू कुमार की मौत हो गई. इससे पहले कमल ध्यानी भी गड्ढे में गिरकर जान गंवा चुके थे, जिससे शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

दिल्ली के रोहिणी में मंगलवार को खुले नाले में गिरने से 30 वर्षीय मजदूर बिरजू कुमार की मौत हो गई. इससे पहले कमल ध्यानी भी गड्ढे में गिरकर जान गंवा चुके थे, जिससे शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

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Deepak Kumar
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delhi police take the case

दिल्ली में खुले नाले और मेनहोल एक बार फिर जानलेवा साबित हुए हैं. हाल ही में जल निगम के गड्ढे में गिरकर कमल ध्यानी की मौत का मामला सामने आया था, और अब रोहिणी में एक और युवक की खुले नाले में गिरने से जान चली गई. इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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रोहिणी में युवक की दर्दनाक मौत

ताजा मामला रोहिणी सेक्टर-32 स्थित महाशक्ति काली मंदिर के पास का है. यहां मंगलवार (10 फरवरी) शाम एक युवक खुले नाले में गिर गया. आसपास मौजूद लोगों ने हादसा होते देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही बेगमपुर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं. रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और कुछ देर की तलाश के बाद युवक को नाले से बाहर निकाला गया. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

मृतक की हुई पहचान

मृतक की पहचान 30 वर्षीय बिरजू कुमार के रूप में हुई है. वह मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला था और दिल्ली में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह डीडीए की जमीन पर बने एक खुले सीवर में गिर गया था. फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया कि युवक की तलाश के लिए विशेष उपकरणों के साथ टीम लगाई गई थी, लेकिन जब तक उसे बाहर निकाला गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी.

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में कई जगह खुले नाले और गड्ढे बिना ढक्कन या सुरक्षा घेराबंदी के पड़े रहते हैं, जिससे हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है. घटना के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जिसे पुलिस ने हटाया.

हाल ही में कमल ध्यानी की हुई थी मौत

इससे पहले 25 वर्षीय कमल ध्यानी की भी इसी तरह मौत हो गई थी. वह जल बोर्ड के खोदे गए गड्ढे में गिर गया था और घंटों तक मदद के बिना तड़पता रहा. लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह सवाल उठाती हैं कि आखिर कब प्रशासन इन ‘मौत के गड्ढों’ को बंद करेगा और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.

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Delhi NCR News
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