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दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयों की जमाखोरी करने वालों की मांगी लिस्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयों की जमाखोरी करने वालों की मांगी लिस्ट, जो 2 मई के आदेश के बाद ऑक्सीजन सिलेंडर , दवाइयों की जमाखोरी करते पाए गए है. कोर्ट ने कहा- उन लोगों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई भी की जाएगी.

News Nation Bureau | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 07 May 2021, 04:06:16 PM
Delhi High Court

दिल्ली हाईकोर्ट (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयों की जमाखोरी करने वालों की मांगी लिस्ट
  • 2 मई के आदेश के बाद ऑक्सीजन सिलेंडर , दवाइयों की जमाखोरी करते पाए गए है
  • कोर्ट ने कहा- उन लोगों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई भी की जाएगी

नई दिल्ली:

दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयों की जमाखोरी करने वालों की मांगी लिस्ट, जो 2 मई के आदेश के बाद ऑक्सीजन सिलेंडर , दवाइयों की जमाखोरी करते पाए गए है. कोर्ट ने कहा- उन लोगों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई भी की जाएगी. बता दें कि दिल्ली में कोरोना संकट के वक्त में ऑक्सीजन, दवाई की कमी से राजधानी जुझ रही है. वहीं, ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयों की जमाखोरी खबरें भी लगातार आ रही हैं, इस बीच कुछ लोगों पर कार्रवाई भी हुई पकड़े गए. दिल्ली हाईकोर्ट ने उन सभी लोगों की लिस्ट मांगी है, जिन्होंने इस संकट के वक्त में ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयों की जमाखोरी की है. ताकि उन पर कार्रवाई हो सके.

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बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान ऑक्सीजन की कमी को लेकर दिल्ली सरकार ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार की शिकायत की है. दिल्ली सरकार ने अपनी शिकायत कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद उसे कल (बुधवार) 700 मेट्रिक टन ऑक्सीजन नहीं मिली. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की खिंचाई की है. कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली को 700 मेट्रिक टन ऑक्सीजन मिलनी ही चाहिए. जब तक अगला कोई आदेश नहीं आता, तब तक आप दिल्ली को 700 टन ऑक्सीजन देते रहेंगे. हमें सख्ती बरतने के मजबूर न करें.

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ऑक्सीजन की आपूर्ति के मामले पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

इससे पहले गुरुवार को ऑक्सीजन की आपूर्ति के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर सख्त टिप्पणी करते हुए उसके ऑक्सीजन की जरूरत आंकने के फॉर्मूला गलत ठहराया था. जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि केंद्र को राज्यों को ऑक्सीजन आवंटन के आधार वाले फॉर्मूले पर फिर से विचार करने की जरूरत है. कोर्ट ने कहा कि घर पर इलाज करा रहे लोगों को भी ऑक्सीजन की जरूरत है. आपके फॉर्मूले में कोविड केयर सेंटर, एम्बुलेंस को शामिल नहीं किया गया है. ऐसे में ऑक्सीजन की जरूरत आंकने का फॉर्मूला गलत है.

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कोरोना वायरस की दूसरी लहर से भारत में 'भयानक' स्थिति

दरअसल, वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की दूसरी लहर से भारत में 'भयानक' स्थिति बनी हुई है. कोविड के मामले तूफान की रफ्तार से बढ़ रहे हैं, जिसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देश के अधिकतर हिस्सों में नाइट कर्फ्यू के साथ-साथ लॉकडाउन भी लगाया गया है. साथ ही साथ आवाजाही और गतिविधियों पर कठोर नीति अपनाई गई है. मगर तमाम सख्तियों के बावजूद देश में हालात बिगड़ते जा रहे हैं. कोविड संक्रमण हर दिन एक नया रिकॉर्ड तोड़ रहा है. तेजी से सामने आ रहे मरीजों के चलते स्वास्थ्य व्यवस्थाएं भी बुरी तरह चरमरा गई हैं. दवाई से लेकर ऑक्सीजन की भारी कमी पड़ गई है, जिससे मरीजों की जान भी जा रही है.

 

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First Published : 07 May 2021, 03:52:31 PM

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