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आप ने निगम की ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर पूछे पांच सवाल

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के रानी झांसी फ्लाईओवर पर भाजपा से पांच मूल प्रश्नों के जवाब मांगे हैं. ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर पांच प्रश्न पूछते हुए दुर्गेश पाठक ने कहा,

By : Shailendra Kumar | Updated on: 07 Mar 2021, 08:27:52 PM
AAP

आप ने निगम की ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर पूछे पांच सवाल (Photo Credit: IANS)

highlights

  • आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के रानी झांसी फ्लाईओवर पर भाजपा से पांच मूल प्रश्नों के जवाब मांगे हैं.
  • पहला सवाल ये है कि जो फ्लाईओवर 2 सालों में बनकर तैयार हो सकता था, उसको बनने में 24 साल क्यों लगे.
  • एमसीडी (MCD) ने उस सरकारी जमीन का अधिकरण किया. जो जमीन पहले है सरकारी है.

 

नई दिल्ली :

आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने दिल्ली के रानी झांसी फ्लाईओवर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) से पांच मूल प्रश्नों के जवाब मांगे हैं. ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर पांच प्रश्न पूछते हुए दुर्गेश पाठक ने कहा, "मैं चाहूंगा कि आदेश गुप्ता आएं और मीडिया के सामने बैठकर 54 पन्नों की इस ऑडिट रिपोर्ट को पढ़ा जाए और एक-एक मुद्दे पर उनको क्या कहना है, उनका जवाब देखा जाए. लेकिन 24 घंटे बीत गए हैं, अब तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है." आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) इस ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) से पांच प्रश्न पूछना चाहती है. पहला सवाल ये है कि जो फ्लाईओवर 2 सालों में बनकर तैयार हो सकता था, उसको बनने में 24 साल क्यों लगे.

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दूसरा सवाल यह है कि जब रानी झांसी फ्लाईओवर बनने की बात हुई तो कहा गया कि यह 175 करोड़ रुपए में बन जाएगा, लेकिन असल में इसे 724 करोड़ रुपए में बनाया गया. तीसरा प्रश्न यह है कि इस फ्लाईओवर की जमीन जो कि सरकारी है, उस पर एक छोटा धार्मिक स्थान बना हुआ था, एमसीडी (MCD) ने उस सरकारी जमीन का अधिकरण किया. जो जमीन पहले है सरकारी है, तो एमसीडी (MCD) उसका अधिकरण कैसे कर सकती है. एमसीडी ने इस सरकारी जमीन के अधिकरण में लगभग 27 करोड़ रुपयों का भुगतान किया.

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चौथा प्रश्न यह है कि जब किसी भी जमीन का अधिकरण किया जाता है, तो उसके लिए सरकारी एजेंसी की मदद ली जाती है. हिंदुस्तान में यह पहला ऐसा मामला होगा जहां पर भाजपा के नेताओं और इंजीनियरों ने बैठकर जमीन का अधिग्रहण किया.

आखरी प्रश्न यह है कि आईएलएस और नाम कि एक कंपनी है, जिसका काम था कि वो प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर देगी, जिसके लिए एमसीडी ने कंपनी को 7 करोड़ रुपए दिए. लेकिन उस कंपनी ने आजतक एक भी रिपोर्ट बनाकर नहीं दी.

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First Published : 07 Mar 2021, 08:24:57 PM

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