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छत्तीसगढ़: CM का संवेदनशीलता भरा जनदर्शन, दिव्यांग बच्ची को मिला नया जीवन

सीएम विष्णुदेव साय ने जनदर्शन कार्यक्रम में 10 साल की बच्ची के इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपए का चेक दिया. बच्ची का दाहिना हाथ सांप के काटने से खराब हो गया था और उसका ऑपरेशन होना है.

Updated on: 05 Jul 2024, 02:41 PM

highlights

  • छत्तीसगढ़ में हुआ जनदर्शन कार्यक्रम
  • CM का संवेदनशीलता भरा जनदर्शन
  • दिव्यांग बच्ची को मिला नया जीवन

New Delhi:

Chhattisgarh Latest News: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जनदर्शन कार्यक्रम में गुरुवार, 4 जुलाई को एक दिल छू लेने वाला वाकया देखने को मिला. इस कार्यक्रम में पहुंचे दोहत राम विश्वकर्मा अपनी 10 साल की दिव्यांग नातिन, दिव्या विश्वकर्मा का इलाज कराने की उम्मीद लेकर आए थे. दिव्या के हाथ में विकृति है और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसका इलाज नहीं हो पा रहा था. डॉक्टर्स का कहना था कि दिव्या के हाथ का ऑपरेशन करके उसे ठीक किया जा सकता है.

मुख्यमंत्री की तत्काल मदद

जब मुख्यमंत्री को इस बात की जानकारी मिली कि जनदर्शन में एक 10 साल की दिव्यांग बच्ची बैठी हुई है, जिसके हाथ में विकृति है, तो उन्होंने तुरंत बच्ची और उसके परिवार को मंच पर बुलाया. मुख्यमंत्री ने बच्ची के परिजनों से पूरी जानकारी ली और अधिकारियों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए.

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चेक सौंपने का भावुक क्षण

एक घंटे के भीतर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं बच्ची को डेढ़ लाख रुपये का चेक सौंपा. इस दौरान, बच्ची के परिवार ने अपनी परेशानी मुख्यमंत्री से साझा की. दिव्या के परिवार की माली हालत को देखते हुए, यह मदद उनके लिए बहुत बड़ी राहत साबित हुई.

दिव्या की संघर्षपूर्ण कहानी

दिव्या के परिजनों ने बताया कि जब वह तीन साल की थी, तब उसे गेहूंआ सांप ने काट लिया था, जिससे उसके दायें हाथ में संक्रमण हो गया और हाथ गलने लगा. जड़ी-बूटियों से इलाज कराने पर घाव तो सूख गया, लेकिन दायां हाथ विकृत हो गया. इसके बाद परिवार ने रायपुर के एक निजी अस्पताल में डॉक्टर्स से मुलाकात की, जहां डॉक्टर्स ने बताया कि दिव्या के हाथ को ठीक करने के लिए दो ऑपरेशन करने होंगे, जिनमें लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये का खर्च आएगा. दिव्या के पिता त्रिवेंद्र, जो ग्राम बैजनपुरी, भानुप्रतापपुर में रहते हैं और खेती-किसानी का काम करते हैं, इतने बड़े खर्च को वहन करने में असमर्थ थे.

मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और तत्काल सहायता

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिव्या की समस्या को गंभीरता से लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तुरंत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएं. मुख्यमंत्री के निर्देश के एक घंटे के भीतर, दिव्या के इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये का चेक जारी कर दिया गया. इस कदम से न केवल दिव्या के परिवार को राहत मिली, बल्कि यह भी साबित हुआ कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील हैं और त्वरित समाधान प्रदान करने के लिए तत्पर रहते हैं.

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब नेतृत्व संवेदनशील होता है और नागरिकों की समस्याओं को सुनने और हल करने के लिए तत्पर रहता है, तो समाज में विश्वास और सहयोग की भावना मजबूत होती है. दिव्या और उसके परिवार के लिए यह सहायता एक नया जीवन प्रदान करने वाली साबित होगी.