World Largest Shivling: मोतिहारी में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग हुआ स्थापित, शामिल हुए CM नीतीश कुमार, हर-हर महादेव से गुंजा मंदिर

World Largest Shivling: आज बिहार के मोतिहारी में रामायण मंदिर में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित हो गया है. विधि-विधान के साथ शिवलिंग की पूजा करने के बाद इसकी स्थापना की गई है. आइए जानते हैं इस विराट शिवलिंग की खासियत.

World Largest Shivling: आज बिहार के मोतिहारी में रामायण मंदिर में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित हो गया है. विधि-विधान के साथ शिवलिंग की पूजा करने के बाद इसकी स्थापना की गई है. आइए जानते हैं इस विराट शिवलिंग की खासियत.

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Akansha Thakur
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World Largest Shivling: बिहार के मोतिहारी में आज विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग आज स्थापित कर दिया गया. विराट रामायण मंदिर में शिवलिंग स्थापना का कार्यक्रम किया गया. इसके लिए मंदिर परिसर में भव्य पूजा-अर्चना का कार्यक्रम रखा गया था. इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा सहित आसपास के हजारों लोग मौजूद रहे. प्राण-प्रतिष्ठा और पूजा आदि के लिए पटना, बनारस, अयोध्या आदि से पंडित पहुंचे थे.

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1080 फुट लंबा और 540 फुट चौड़ा

इस विराट रामायण मंदिर में इस शिवलिंग के साथ अलग-अलग देवी-देवताओं के भी भव्य मंदिर बने हुए हैं. पूरा मंदिर परिसर 1080 फुट लंबा और 540 फुट चौड़ा है. मान्यता है कि इस जगह पर भगवान राम शादी के बाद जब जनकपुर से लौट रहे थे तो उन्होंने एक रात विश्राम किया था. चलिए आपको इस शिवलिंग की खासियत के बारे में बताते हैं. 

शिवलिंग पर चढ़ाई गई 18 फीट की माला

विशाल शिवलिंग की स्थापना का कार्यक्रम बेहद भव्य हुआ. मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस की खास तैयारी की गई. मंदिर की सजावट के लिए कंबोडिया और कोलकता से विशेष फूल लाए गये. शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए 18 फीट की माला तैयार चढ़ाई गई. इस माला में अलग-अलग तरह के फूलों के साथ भांग, धतूरा और बेल के पत्तों को शामिल किए गए. 

शिवलिंग के अभिषेक के लिए कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार, प्रयागराज, गंगासागर, सोनपुर और रामेश्वरम से पवित्र गंगाजल मंगाया गया है. इसके साथ सिंधु, नर्मदा, नारायणी, कावेरी और गंडकी नदियों से भी जल लाया गया है. प्रमुख धार्मिक स्थलों के पंडितगण शिवलिंग की स्थापना कराएंगे. इस पूजा में अयोध्या, काशी, हरिद्वार, गुजरात और महाराष्ट्र के वैदिक आचार्य शामिल होंगे.

कैसे बिहार पहुंचा विशाल शिवलिंग

दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग को तमिलनाडु के महाबलीपुरम से सड़क मार्ग से बिहार लाया गया. इस शिवलिंग का वजन 210 मीट्रिक टन है. इतना अधिक वजन होने की वजह से इसे विशेष 96 चक्का ट्रक पर लोड करके लाया गया था. इसकी स्थापना के लिए दो 750 टन क्षमता वाली क्रेनों को राजस्थान और भोपाल से मंगाया गया है.

क्या है शिवलिंग की खासियत? 

दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग भारतीय शिल्प कला का अद्भुत उदाहरण है. इस शिवलिंग को तमिलनाडु के महाबलीपुरम में बनाया गया है. इसको विशाल ग्रेनाइट पत्थर को तराश कर बनाया गया है. यह शिवलिंग 33 फीट ऊंचा और 33 फीट चौड़ा है. इसका वजन 2 लाख किलोग्राम है. इस शिवलिंग में 1008 छोटे-छोटे शिवलिंग भी बने हुए हैं. यह दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग होगा जिसे एकल पत्थऱ से बनाया गया है. शिवलिंग को बनाने वाली कंपनी के संस्थापक विनायक वेंकटरमण ने बताया कि इसे बनाने में लगभग 3 करोड़ रुपये का खर्च आया है.

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