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बिहार में 'कलरव' से युवाओं में जगाया जाएगा 'पक्षीप्रेम', 21 वर्षों के बाद दिखा 'इंडियन कोर्सर'

बिहार में पक्षियों के प्रति जागरूकता लाने और युवाओं में 'पक्षी प्रेम' जगाने के उद्देश्य से पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने राज्य में राजकीय पक्षी महोत्सव 'कलरव' मनाने का निर्णय लिया है.

IANS | Updated on: 22 Dec 2020, 02:53:27 PM
Indian Courseer

बिहार में 'कलरव' से युवाओं में जगाया जाएगा पक्षीप्रेम, जनवरी में आयोजन (Photo Credit: IANS)

पटना:

बिहार में पक्षियों के प्रति जागरूकता लाने और युवाओं में 'पक्षी प्रेम' जगाने के उद्देश्य से पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने राज्य में राजकीय पक्षी महोत्सव 'कलरव' मनाने का निर्णय लिया है. 'कलरव' का आयोजन अगले साल जनवरी महीने में बिहार के सबसे सुरम्य पक्षी स्थल जमुई जिले के नागी-नकटी पक्षी अभयारण्य में किया जाएगा. वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पक्षी हमारे पर्यावरण में किसी भी बदलाव का सूचक होते हैं, हमारी कृषि को उन्नत रखते हैं, वनाच्छादन में अहम भूमिका निभाते हैं.

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पक्षी के जानकारों का भी कहना है कि बिहार में पक्षियों की अद्भुत विविधता है, मगर यहां पक्षियों का अध्ययन करने वालों की संख्या बहुत कम है. पक्षियों के प्रति लोगों में जागरूकता का अभाव रहने के कारण यहां पक्षियों का शिकार-व्यापार भी अधिक होता है. इसका मुख्य कारण यहां के दुर्लभ पक्षी जगत को प्रसारित नहीं किया जा सका है. ऐसे में कहा जा रहा है कि पक्षियों के अध्ययन और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए इस 'राजकीय पक्षी महोत्सव- कलरव' का आयोजन बिहार में पक्षियों की सुरक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा.

वन विभाग के अधिकारी कहते हैं, 'इस महोत्सव के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं को प्रेरित और प्रशिक्षित करना है. उन्हें कई तकनीकी सत्रों के माध्यम से पक्षियों को पहचानने के तरीके बताए जाएंगें और वैज्ञानिक तरीकों से उनके आहार व्यवहार आदि से परिचित कराया जायगा.' युवाओं को फील्ड में ले जाकर भी पक्षियों के सम्बन्ध में जानकारियां दी जाएंगी. इन सत्रों में राज्य और देश के अनुभवी पक्षी वैज्ञानिक और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के वैज्ञानिकों द्वारा आम लोगों और युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा.

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राज्य के महत्वपूर्ण पक्षी स्थलों के आस-पास के युवाओं को विशेष रूप से इस राजकीय पक्षी महोत्सव में आमंत्रित किया जाएगा, साथ ही स्वयंसेवी संस्थाओं, एनसीसी के कैडेट, विद्यार्थियों, ग्रामीणों, मछुआरों और अन्य समुदाओं को शामिल किया जाएगा, जो पक्षियों के अध्ययन और संरक्षण में अपनी भूमिका निभा सकते हैं.

कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के लिए जमुई के वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यजीत कुमार, आईएफएस अधिकारी भरत चिंतापल्लली और मंदार नेचर क्लब, भागलपुर के संस्थापक अरविन्द मिश्रा अभी नागी, नकटी और जिले के पक्षियों के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का दो दिवसीय भ्रमण कर रहे हैं. अरविंद मिश्रा ने आईएएनएस को बताया कि इस दल ने नकटी पक्षी अभयारण्य का दौरा करते हुए इलाके में 'यूरेशियन राईनेक' पक्षी को पहली बार देखा और 21 वर्षो के बाद 'इंडियन कोर्सर' पक्षी को देखा.

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मिश्रा ने बताया, '1998 में पहली बार दो की संख्या में ये 'इंडियन कोर्सर' यहां दिखे थे, उसके बाद वर्षो तक पठारों में मीलों भटकने के बाद भी इनके दर्शन नहीं हुए थे. अब चार की संख्या में इनका दिखना किसी सपने के पूरा होने से कम नहीं है. ये पक्षी बिहार में अब तक बस जमुई के इसी क्षेत्र ही दिखे हैं.' उन्होंने कहा कि फाल्केटेड डक का भी 2018, 2019 और 2020 में इस क्षेत्र में लगातार दिखना इस प्रजाति के व्यवहार की विचित्रता रही है. इस आयोजक दल ने कहा कि बिहार राज्य का पहला राजकीय पक्षी महोत्सव मनाने के लिए जमुई जिले के नागी, नकटी से बेहतर स्थल की कल्पना नहीं की जा सकती.

First Published : 22 Dec 2020, 02:53:27 PM

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