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धनबादः जज उत्तम आनंद मौत की जांच करेगी STF, जांच में हुए ये बड़े खुलासे 

रंजय की हत्या मामले में जज उत्तम आनंद सुनवाई कर रहे थे और बीते दिनों सुनवाई के दौरान उन्होंने आरोपी अमन सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

Written By : रजनीश सिन्हा | Edited By : Kuldeep Singh | Updated on: 29 Jul 2021, 12:47:08 PM
Dhanbad

जज उत्तम आनंद मौत की जांच करेगी STF (Photo Credit: वीडियो ग्रैब)

धनबाद:

एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज उत्तम आनंद मौत मामले को लेकर कई तरह की खबरें आ रही है. ज्यादातर लोग मौत के इस मामले को हत्या कि साजिश बता रहे हैं. इस घटना को बीजेपी नेता रंजय सिंह हत्या और उस केस कि सुनवाई से जोड़कर देखा जा रहा है. रंजय सिंह धनबाद के बाहुबली परिवार सिंह मेंशन के करीबी थे. जिनकी हत्या जनवरी 2017 में गोली मारकर कर दी गई थी. रंजय सिंह झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह के करीबी थे. जिनकी हत्या के दो महीने बाद ही मार्च 2017 में धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की भी हत्या कर दी गई थी. ऐसे में जज उत्तम आनंद की मौत राजनीतिक प्रतिष्पर्धा का कारण भी हो सकता है.

रंजय की हत्या मामले में जज उत्तम आनंद सुनवाई कर रहे थे और बीते दिनों सुनवाई के दौरान उन्होंने आरोपी अमन सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. गौरतलब है कि अमन सिंह पर रंजय सिंह की हत्या का आरोप है. अमन सिंह फिलवक्त झारखंड बिहार में अपहरण और फिरौती का प्रयाय बन चुका है. अमन सिंह की जमानत याचिका खारिज होने के चंद दिनों बाद हुई इस घटना से शक की सुई अमन सिंह एंड गैंग की ओर मुड़ गया है.

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इस मामले कि छानबीन के लिए धनबाद एसएसपी ने स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया है. इस स्पेशल टीम ने झारखंड के गिरिडीह से घटना में प्रयुक्त ऑटो को बरामद कर लिया है. जबकि ऑटो में सवार दो लोगों की गिरफ्तारी की भी खबर है, लेकिन गिरफ्तारी को आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. गौरतलब है कि घटना को अंजाम देने वाले ऑटो दो दिन पहले चोरी हो गई थी. जिससे संबंधित मामला भी थाने में दर्ज कराया गया है. ऑटो पाथरडीह के सगुनी देवी नामक महिला के नाम पर है. महिला के पति रामदेव लोहार ने बताया कि दो दिन पहले देर रात उनका ऑटो चोरी हो गया था. जिसकी शिकायत पाथरडीह ओपी में कि थी. घटना होने के बाद थाना से बुलाकर पूछताछ की गई थी.

ऑटो बरामद होने के बाद फोरेंसिक टीम ऑटो कि जांच कर करने धनबाद थाना पहुंची. जहा ऑटो में फिंगर प्रिंट सहित अन्य चीजों की बारीकी से जांच की जा रही है. बरामद ऑटो का नंबर प्लेट घिसा हुआ पाया गया. यानी अपराधियों ने ऑटो से नंबर मिटाकर घटना को अंजाम देने की साजिश रची. इस मामले पर झारखंड हाई कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए धनबाद एसएसपी को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है. फिलहाल धनबाद एसएसपी संजीव कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाईकोर्ट के समझ पेश होकर पूरे मामले पर अपना जानकारी माननीय न्यायालय को दे रहे हैं.

First Published : 29 Jul 2021, 12:41:57 PM

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