Bihar: गर्लफ्रेंड के लिए मंदिर से चुराए 1.8 करोड़ के आभूषण, यूट्यूब-गूगल से सीखी चोरी; ऐसे हुआ खुलासा

Bihar: थावे भवानी मंदिर में 1.08 करोड़ की चोरी का मास्टरमाइंड वही युवक निकला, जिसे घटना से पहले पुलिस ने छोड़ा था. यूट्यूब और गूगल से साजिश रचने का खुलासा.

Bihar: थावे भवानी मंदिर में 1.08 करोड़ की चोरी का मास्टरमाइंड वही युवक निकला, जिसे घटना से पहले पुलिस ने छोड़ा था. यूट्यूब और गूगल से साजिश रचने का खुलासा.

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Yashodhan Sharma
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Gopalganj theft case

Gopalganj theft case

Bihar News: गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे भवानी मंदिर से 1.08 करोड़ रुपये के आभूषण चोरी का मामला सामने आया है. पुलिस जांच के मुताबिक इस हाई-प्रोफाइल चोरी का मास्टरमाइंड वही युवक है, जिसे घटना से छह दिन पहले संदिग्ध मानकर हिरासत में लिया गया था, लेकिन सबूतों के अभाव में छोड़ दिया गया.

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पहले पुलिस को बरगलाया

दरअसल, 10 और 11 दिसंबर की रात मंदिर परिसर में संदिग्ध गतिविधियों के दौरान पुलिस की नजर एक युवक पर पड़ी थी. वह बार-बार मंदिर के आसपास घूम रहा था और हर दिशा को गौर से देख रहा था. शक होने पर पुलिस उसे थाने ले गई और करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई. पूछताछ में युवक ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह थावे अपनी प्रेमिका से मिलने आया है. उसने इतनी सफाई से जवाब दिए कि पुलिस के पास उसे रोकने का ठोस आधार नहीं बचा.

निकला चोरी का मास्टरमाइंड

पूछताछ के दौरान युवक ने अपने पिता से फोन पर बात भी करवाई. पिता के हस्तक्षेप और स्थानीय दबाव के बाद पुलिस ने उसे सरकारी वाहन से रेलवे स्टेशन तक छोड़ दिया. बाद में यही युवक मंदिर आभूषण चोरी कांड का मास्टरमाइंड निकला.

ये है आरोपी की पहचान

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के निवासी दीपक राय के रूप में हुई है. दीपक एक शातिर चोर है और पहले भी कई चोरी के मामलों में जेल जा चुका है. पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने इस वारदात की साजिश पहले से रच रखी थी.

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

जांच में सामने आया है कि दीपक ने सिर्फ रेकी ही नहीं की, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी जमकर इस्तेमाल किया. उसने 9 से 13 दिसंबर के बीच थावे मंदिर से जुड़े 10 से 12 यूट्यूब वीडियो देखे, जिनमें ड्रोन फुटेज, श्रद्धालुओं की रील्स और कैमरों की पोजिशन शामिल थी. इसके अलावा मंदिर की वेबसाइट और गूगल मैप से रास्तों, दीवारों और निर्माणाधीन भवनों की जानकारी जुटाई.

सामने आई CCTV

आरोपी के मोबाइल की सर्च हिस्ट्री और सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस को पुख्ता सबूत दिए. एक अज्ञात फोन कॉल के बाद पुलिस गाजीपुर पहुंची और आखिरकार 22 दिसंबर की रात बिहार-यूपी सीमा से दीपक को गिरफ्तार कर लिया गया. फिंगरप्रिंट जांच में भी आरोपी की पुष्टि हो गई है. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस चोरी में उसके साथ और कौन-कौन शामिल था.

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