News Nation Logo

बिहार में किसानों से लिया जा रहा 65 पैसे बिजली का बिल : सुशील मोदी

डिप्टी सीएम ने कहा कि किसानों से प्रति यूनिट 6.15 रुपये लागत की बिजली के लिए मात्र 65 पैसे लिया जा रहा है. 5. 50 रुपये सरकार की ओर से दिया किया जा रहा है.

IANS/News Nation Bureau | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 01 Sep 2020, 07:40:22 AM
Deputy CM Sushil Modi

सुशील कुमार मोदी (Photo Credit: फाइल फोटो)

पटना:

बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 की नई नीति को मंजूरी मिल गई है. इसके तहत बिहार में किसानों की हालत में सुधार होगा. उनको कृषि करने में परेशानी का समाना नहीं करना होगा. बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सरकार सौर ऊर्जा आधारित कृषि पम्प को प्रोत्साहित करेगी. उन्होंने कहा कि किसान सौर ऊर्जा पैनल से उत्पादित अतिरिक्त बिजली विद्युत कंपनियों को बेचकर अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता भी बनेंगे. बीजेपी किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति के वर्चुअल सम्मेलन को संबोधित किया. इस दौरान उपमुख्यमंत्री मोदी ने कहा कि डेडिकेटेड कृषि फीडर द्वारा अब तक राज्य के 1 लाख 42 हजार किसानों को कृषि कनेक्शन दिया जा चुका है.

यह भी पढ़ें : ट्यूशन फीस के अलावा कोई शुल्क नहीं ले सकेंगे प्राइवेट स्कूल

65 पैसे प्रति यूनिट बिजली बिल
डिप्टी सीएम ने कहा कि किसानों से प्रति यूनिट 6.15 रुपये लागत की बिजली के लिए मात्र 65 पैसे लिया जा रहा है. 5. 50 रुपये सरकार की ओर से दिया किया जा रहा है. उन्होंने कहा, अगले कार्यकाल में राज्य सरकार सौर ऊर्जा आधारित कृषि पम्प को प्रोत्साहित करेगी. किसान सौर ऊर्जा पैनल से उत्पादित अतिरिक्त बिजली विद्युत कम्पनियों को बेच कर अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता भी बनेंगे. सुशील कुमार मोदी ने कहा कि खेती की लागत कम करने के लिए ही डीजल से सिंचाई की जगह बिजली को प्राथमिकता दी गई है. एक कट्ठा जमीन की सिंचाई में डीजल से जहां 20 रुपये की लागत आती थी, वहीं बिजली से मात्र 82 पैसे के खर्च पर सिंचाई हो जाती है.

यह भी पढ़ें : हवाई यात्रियों को बड़ा झटका, आज से विमान सेवाएं हो जाएंगी महंगी

औद्योगिक प्रोत्साहन नीति-2016 के तहत मिलेगा लाभ
बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नई नीति को स्वीकृति दी गई है. जिससे कृषि व्यवसाय से जुड़े सात क्षेत्रों मखाना, फल-सब्जियां, शहद, औषधि व सुगंधित पौधे, मक्का, चाय और बीज आदि के प्रसंस्करण के लिए 25 लाख से 5 करोड़ तक के निवेश पर 15 से 25 प्रतिशत तक पूंजीगत अनुदान व 30 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ ही औद्योगिक प्रोत्साहन नीति-2016 के तहत अन्य लाभ दिए जा सकेंगे.

यह भी पढ़ें : अर्थव्यवस्था में भारी मंदी, पहली तिमाही में GDP में रिकॉर्ड 23.9 फीसदी की गिरावट 

फसल नुकसान के लिए अनुदान
सुशील कुमार मोदी ने कहा, इसके साथ ही राज्य सरकार ने 2019-20 में 33 लाख 71 हजार किसानों को फसल क्षति अनुदान के तौर पर 1,220 करोड़ रुपये का वितरण किया है, जिससे औसतन प्रति किसान को 4,400 रुपये प्राप्त हुआ है.

First Published : 01 Sep 2020, 07:39:06 AM

For all the Latest States News, Bihar News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो