Bihar News: भोजपुर की मुखिया' बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल, महिलाओं के साथ मिलकर शुरू किया ‘संगिनी’ पैड प्लांट

Bihar News: भोजपुर की दांवा पंचायत में मुखिया सुशुमलता कुशवाहा ने ‘संगिनी’ सेनेटरी पैड प्लांट शुरू कर 10 महिलाओं को रोजगार दिया और ग्रामीण क्षेत्रों में मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा दिया.

Bihar News: भोजपुर की दांवा पंचायत में मुखिया सुशुमलता कुशवाहा ने ‘संगिनी’ सेनेटरी पैड प्लांट शुरू कर 10 महिलाओं को रोजगार दिया और ग्रामीण क्षेत्रों में मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा दिया.

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Yashodhan Sharma
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Bihar sangini sanitary pad

Bihar sangini sanitary pad Photograph: (NN)

Bihar News: कोरोना काल में जब देशभर में लॉकडाउन लगा था और लाखों लोगों की नौकरी चली गई थी, उसी समय बिहार के भोजपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड की दांवा पंचायत में एक नई शुरुआत हुई. यहां की मुखिया सुशुमलता कुशवाहा ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सेनेटरी पैड बनाने का छोटा प्लांट शुरू कराया.

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पंचायत स्तर पर बनाई पैड योजना

मुखिया सुशुमलता ने सोशल वर्क में मास्टर डिग्री हासिल की है. शादी के बाद साल 2016 में वह दांवा पंचायत की मुखिया बनीं. एक बैठक के दौरान महिलाओं ने मासिक धर्म के समय होने वाली परेशानी और महंगे सेनेटरी पैड की समस्या उठाई. इसके बाद उन्होंने पंचायत स्तर पर ही पैड बनाने की योजना बनाई.

कैसे स्थापित की सेमी-ऑटोमेटिक मशीन

तत्कालीन जिलाधिकारी के सहयोग और सरकारी योजना के तहत मिले 10 लाख रुपये से सेमी-ऑटोमेटिक मशीन लगाई गई. कुछ अतिरिक्त राशि जोड़कर पूरा प्लांट तैयार किया गया. इस प्लांट में जीविका समूह की महिलाएं काम करती हैं. कच्चा माल डालने से लेकर कटिंग, फोल्डिंग, पैकिंग और बिक्री तक का काम वही संभालती हैं.

कैसे तैयार होते हैं पैड 

यहां ‘संगिनी’ ब्रांड नाम से सेनेटरी पैड तैयार किए जाते हैं. रोजाना 8 घंटे की शिफ्ट में करीब 4,500 पैड बनाए जाते हैं. ये पैड अल्ट्रा-थिन और एक्स्ट्रा लार्ज हैं, जिनकी क्षमता 100 मिलीलीटर तक है. खास बात यह है कि बाजार की तुलना में ये काफी सस्ते हैं. 23 रुपये में 6 पैड का एक पैकेट उपलब्ध है. जीविका दीदियां इन्हें आसपास के गांवों में बेचती हैं.

इसलिए लिया गया ये फैसला

शुरुआत में गांव की महिलाओं और लड़कियों में हिचकिचाहट थी. कई घरों में अब भी कपड़े का इस्तेमाल होता था. इसे बदलने के लिए मुखिया और जीविका समूह की महिलाओं ने घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया. अब युवा लड़कियों में इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है.

दूसरे जिलों तक Pad पहुंचाने का लक्ष्य 

मुखिया का लक्ष्य है कि आने वाले समय में ‘संगिनी’ पैड को दूसरे जिलों तक पहुंचाया जाए और बालिका छात्रावासों में इसकी आपूर्ति की जाए. यह पहल महिलाओं को रोजगार देने के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी बना रही है.

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Bihar sanitary pads
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