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AI Impact Summit Expo 2026: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में विश्व के सबसे बड़े India AI Impact Summit & Expo 2026 का शुभारंभ सोमवार को हुआ. पांच दिवसीय इस आयोजन में 100 से अधिक वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के सीईओ, 135 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और 50 से ज्यादा देशों के मंत्री भाग ले रहे हैं. यह मंच आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग और निवेश को नई दिशा देने के लिए अहम माना जा रहा है.
बिहार के लिए 468 करोड़ के समझौते
समिट के दौरान बिहार सरकार ने कुल 468 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए. इनमें 60 करोड़ रुपये का समझौता बिहार एआई उत्कृष्टता केंद्र (AI CoE) की स्थापना के लिए और 250 करोड़ रुपये का एमओयू IIT Patna में रिसर्च पार्क विकसित करने के लिए शामिल है.
एआई CoE के लिए टाइगर एनालिटिक्स उद्योग भागीदार होगा, जबकि आईआईटी पटना शैक्षणिक सहयोग प्रदान करेगा. इसके अतिरिक्त बिहार जीसीसी नीति 2026 और आईटी नीति 2024 के तहत रेड साइबर (103 करोड़), ग्रो QR (30 करोड़) और सीआईपीएल (25 करोड़) जैसी कंपनियों के साथ भी समझौते हुए.
रोजगार और कौशल विकास पर जोर
इन पहलों से राज्य में उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है. साथ ही एआई-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 50,000 से अधिक युवाओं को कौशल विकास का अवसर मिलेगा. बिहार सरकार का उद्देश्य राज्य को केवल निवेश गंतव्य नहीं, बल्कि प्रतिभा और नवाचार का केंद्र बनाना है.
बिहार पवेलियन का उद्घाटन
मंगलवार को सम्राट चौधरी ने भारत मंडपम में बिहार पवेलियन का उद्घाटन किया. इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह मुख्य अतिथि रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता गिरिराज सिंह ने की. राज्य के कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने बिहार को उत्तर-पूर्वी भारत के प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई.
नई नीतियों से बढ़ी वैश्विक रुचि
हाल ही में स्वीकृत बिहार जीसीसी नीति 2026 और बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 का उद्देश्य राज्य को पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के लिए तकनीकी हब बनाना है. इन नीतियों के लागू होने के बाद वैश्विक टेक कंपनियों की राज्य में रुचि बढ़ी है.
भारत जिस प्रकार एआई क्षेत्र में वैश्विक एजेंडा तय कर रहा है, उसी दिशा में बिहार भी तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है. इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में बिहार की सक्रिय भागीदारी इस महत्वाकांक्षा को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.
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