ड्यूटी के दौरान रील देखना पड़ेगा भारी, बिहार पुलिस ने लागू की No Reels Policy; थानों में दलालों की एंट्री बंद करने के निर्देश

बिहार में ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर रील देखना या सोशल मीडिया चलाना पुलिसकर्मियों को महंगा पड़ेगा. डीजीपी ने सख्त आदेश जारी कर अनुशासन, बेहतर व्यवहार और थानों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है.

बिहार में ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर रील देखना या सोशल मीडिया चलाना पुलिसकर्मियों को महंगा पड़ेगा. डीजीपी ने सख्त आदेश जारी कर अनुशासन, बेहतर व्यवहार और थानों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है.

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Deepak Kumar
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बिहार में अब ड्यूटी के समय मोबाइल पर रील देखना या सोशल मीडिया चलाना पुलिसकर्मियों को महंगा पड़ सकता है. राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने पुलिस की कार्यशैली में सुधार और छवि बेहतर बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं. नए आदेश के अनुसार, ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर रील देखने, वीडियो बनाने या अनावश्यक चैटिंग करने वाले पुलिसकर्मियों पर तुरंत विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन भी शामिल हो सकता है.

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डीजीपी का सख्त आदेश

डीजीपी ने साफ कहा है कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार अनुशासित और जिम्मेदार होना चाहिए. हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हुए, जिनमें पुलिसकर्मी ड्यूटी के समय लापरवाही करते या लोगों से दुर्व्यवहार करते नजर आए. इन घटनाओं से पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचा है. इसी को देखते हुए मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है.

थानों में दलालों की एंट्री बंद

नए निर्देशों में यह भी कहा गया है कि थानों में किसी भी तरह के ‘दलाल’ या बिचौलियों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाई जाए. इसके लिए हर थाने में विजिटर रजिस्टर रखना अनिवार्य किया गया है, जिसमें आने-जाने वाले लोगों का पूरा विवरण दर्ज होगा. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और गलत गतिविधियों पर लगाम लगेगी.

पुलिसकर्मियों के लिए खास निर्देश

पुलिसकर्मियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने आधिकारिक मोबाइल नंबर पर वर्दी में खिंचवाई गई फोटो ही व्हाट्सऐप की डिस्प्ले पिक्चर के रूप में लगाएं, ताकि उनकी पहचान स्पष्ट रहे.

कई मामलों में पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई

हाल के मामलों में कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी हो चुकी है. नालंदा में आंगनबाड़ी सेविका को थप्पड़ मारने के मामले में अधिकारी निलंबित किए गए. पटना और सारण में भी बदसलूकी के आरोप में पुलिसकर्मियों पर सस्पेंशन और ट्रांसफर की कार्रवाई हुई. कुल मिलाकर, बिहार पुलिस अब अनुशासन और जिम्मेदारी को लेकर सख्त संदेश देना चाहती है, ताकि जनता का भरोसा फिर से मजबूत हो सके.

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