बिहार में अपराधियों की नहीं चलेगी चालाकी! नीतीश सरकार खोल रही 6 नई फॉरेंसिक लैब

Bihar News: बिहार सरकार साइबर अपराध से निपटने के लिए भी कदम उठा रही है. पटना और राजगीर में मार्च तक विशेष साइबर फॉरेंसिक यूनिट शुरू की जाएगी.

Bihar News: बिहार सरकार साइबर अपराध से निपटने के लिए भी कदम उठा रही है. पटना और राजगीर में मार्च तक विशेष साइबर फॉरेंसिक यूनिट शुरू की जाएगी.

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Yashodhan Sharma
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Nitish Kumar

नीतीश कुमार Photograph: (ANI)

Bihar News: बिहार सरकार राज्य में अपराध पर लगाम लगाने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए एक बड़ा और अहम कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर बिहार में फॉरेंसिक जांच की व्यवस्था को तेजी से मजबूत किया जा रहा है. इसी कड़ी में राज्य के छह नए जिलों में आधुनिक फॉरेंसिक साइंस लैब खोलने की तैयारी शुरू हो गई है.

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यहां स्थापित होंगे फॉरेंसिक साइंस लैब 

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, गयाजी, बेतिया, छपरा, मुंगेर, पूर्णिया और सहरसा में जल्द ही फॉरेंसिक साइंस लैब की स्थापना की जाएगी. अभी बिहार में केवल पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर में ही ये लैब काम कर रही हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दरभंगा और रोहतास में भी मार्च 2026 तक फॉरेंसिक लैब शुरू हो सकती है. ऐसा होने पर पूरे राज्य में कुल 12 फॉरेंसिक लैब हो जाएंगी, जिससे केस की जांच रिपोर्ट जल्दी मिलेगी और कोर्ट में मामलों का निपटारा भी तेज होगा.

56 हजार से ज्यादा सैंपल की जांच पूरी हो चुकी है

1 जुलाई 2024 से देश में नए आपराधिक कानून लागू हुए हैं. इन कानूनों के तहत जिन अपराधों में 7 साल या उससे ज्यादा की सजा है, उनमें फॉरेंसिक और डिजिटल सबूत देना जरूरी कर दिया गया है. इसी वजह से फॉरेंसिक जांच का महत्व और बढ़ गया है. पुलिस के मुताबिक साल 2025 में अब तक करीब 11 हजार मामलों से जुड़े 56 हजार से ज्यादा सैंपल की जांच पूरी हो चुकी है.

साइबर अपराध से निपटने के लिए भी उठाया कदम

सरकार साइबर अपराध से निपटने के लिए भी कदम उठा रही है. पटना और राजगीर में मार्च तक विशेष साइबर फॉरेंसिक यूनिट शुरू की जाएगी, जिससे ऑनलाइन ठगी और साइबर क्राइम के मामलों को सुलझाने में मदद मिलेगी.

गृह विभाग को भेजा बजट

फॉरेंसिक सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार ने गृह विभाग को करीब 163 करोड़ रुपये का बजट भेजा है. पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर में नई डीएनए जांच यूनिट भी बनाई जाएंगी. इसके अलावा राज्य में अभी 51 मोबाइल फॉरेंसिक वाहन काम कर रहे हैं और 50 नए वाहन खरीदने की भी योजना है. कुल मिलाकर, बिहार में अब अपराध की जांच और ज्यादा वैज्ञानिक और मजबूत होने जा रही है.

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Bihar CM Nitish Kumar
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