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सांकेतिक तस्वीर Photograph: (File Photo)
Bihar News: बिहार के इंजीनियरिंग छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है. राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने ऐलान किया है कि अब बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की पढ़ाई शुरू की जाएगी. इसका मकसद छात्रों को नई तकनीक से जोड़ना और उन्हें बेहतर प्लेसमेंट के लिए तैयार करना है. सरकार ने इस दिशा में आईटी इंडस्ट्री की प्रमुख संस्था नैसकॉम के साथ एमओयू भी किया है, ताकि पढ़ाई और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सके.
45 हजार शिक्षकों की होगी नियुक्ति
शिक्षा मंत्री ने बताया कि टीआरई-4 के तहत राज्य में 45 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी. इसमें दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए सात हजार विशेष शिक्षक भी शामिल होंगे. इसके अलावा 935 सहायक विकास शिक्षा पदाधिकारियों की भी बहाली होगी. राज्य के 5.87 लाख शिक्षकों को हर साल दो बार एससीईआरटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो सके.
छात्रों की सुविधा के लिए केंद्र सरकार एजुकेशनल सर्टिफिकेट डाउनलोड समेत अन्य डिजिटल सेवाओं का एक नया मॉडल तैयार कर रही है. इसके लागू होने से छात्र-छात्राओं को काफी सहूलियत मिलेगी.
मॉडल स्कूलों की होगी स्थापना
सात निश्चय-3 योजना के तहत वर्ष 2026-27 में मॉडल स्कूलों की स्थापना की जाएगी. साथ ही पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है. मंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है.
बिहार में कुल 38 इंजीनियरिंग कॉलेज
राज्य में फिलहाल 15 सरकारी और आठ निजी इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित हैं. सरकारी कॉलेजों में से दो का सत्र कुछ महीने पीछे है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा. कुल मिलाकर बिहार में 38 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं.
शिक्षा बजट में बिहार सबसे आगे
शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि देश में शिक्षा के बजट में बिहार सबसे आगे है. राज्य के कुल बजट का 20 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा 14 प्रतिशत है. 2005 में राज्य की साक्षरता दर 34 प्रतिशत थी, जो 2023 में बढ़कर 74 प्रतिशत हो गई है. पहले 12 प्रतिशत बच्चे स्कूल से बाहर थे, अब यह संख्या एक प्रतिशत से भी कम है. साढ़े चार लाख से अधिक छात्र-छात्राएं स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ उठा रहे हैं.
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