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Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान में अब सिर्फ दो दिन का वक्त बचा है. 4 नवंबर को शाम 5 बजे पहले चरण के मतदान के प्रचार का शोर थम जाएगा. इससे पहले राजनीतिक दलों की धुआंधार रैलियां और प्रचार देखने को मिल रहा है. पीएम मोदी से लेकर अमित शाह और लालू प्रसाद यादव जैसे कद्दावर नेता प्रत्याशियों के पक्ष में वोट मांगते दिखे. इसी कड़ी में लालू प्रसाद यादव ने लंबे समय बाद चुनावी प्रचार की कमान संभाली. सोमवार को वह दानापुर में पार्टी प्रत्याशी के लिए प्रचार करते नजर जाए. खास बात यह है कि इस दौरान उन्होंने महागठबंधन के सीएम फेस और बेटे तेजस्वी को लेकर भी बड़ा बयान दिया.
राजनीति में सक्रिय रहने के बावजूद पिछले कुछ समय से चुनावी मोर्चे पर व्यक्तिगत तौर पर कम दिखे थे. लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र उन्होंने खराब स्वास्थ्य के बावजूद प्रचार अभियान में सक्रिय होने का फैसला किया. इसी कड़ी में लालू यादव ने ताबड़तोड़ प्रचार किया. उन्होंने दानापुर में
चुनावी मैदान में लालू
लालू प्रसाद यादव ने दानापुर में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एक उम्मीदवार के समर्थन में रोड-शो किया. यहां पर उन्होंने किसी भाषण के बजाय एक रथ में बैठकर प्रचार किया. उनकी उपस्थिति ने पार्टी व गठबंधन के भीतर संदेश दिया कि वे “मुकाबले से बाहर नहीं” हैं.
बिना भाषण के खींचा समर्थकों का ध्यान
दानापुर और दीघा विधानसभा क्षेत्र में लालू रथ यात्रा पर दिखे. इस दौरान उनके साथ थीं दिव्या गौतम (माले की उम्मीदवार, जो कि सुशांत राजपूत की ममेरी बहन हैं) और शैलेश यादव (मीसा की पति) भी मौजूद थे. इसके अलावा पीछे काफिले में उस उम्मीदवार की पत्नी भी थीं जो जेल में बंद बाहुबली रीत लाल यादव की ओर से मैदान में हैं.
लालू ने प्रचार के दौरान भाषण नहीं दिया; बल्कि उनका रथ आगे बढ़ता रहा और समर्थकों की बड़ी संख्या साथ थी. खास बात यह है थी रथ पर सवार लालू को देखने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे थे.
तेजस्वी को लेकर दिया बड़ा बयान
मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि गठबंधन की जीत तय है, और 14 नवंबर के बाद तेजस्वी प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि महागठबंधन के नेता एकजुट हैं और प्रचार अभियान अच्छा चल रहा है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन तेजस्वी के चेहरे के साथ चुनावी मैदान में हैं. इस युवा नेता को लेकर जनता भी उत्साहित है. लालू ने दावा किया कि 14 नवंबर को तेजस्वी अपने समर्थकों की उम्मीद पर खरा उतरेंगे.
कुल मिलाकर लालू ने अपने बयान से न सिर्फ तेजस्वी का आत्म-विश्वास बढ़ाया है बल्कि प्रत्याशियों में जान फूंकने की कोशिश की है. अब देखना यह है कि मतदान के दिन जनता लालू के इस विश्वास पर कितना भरोसा करती है. यह संकेत कि पार्टी के लिए अभी भी उनकी मौजूदगी मायने रखती है. उनका रथ-रोड-शो मॉडल यह दिखाता है कि वे भाषण-शैली से अधिक संवाद-विचार रहित प्रचार की ओर जा रहे हैं, जहां “मौजूदगी” का संदेश ही पर्याप्त माना गया.
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