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रेजांगाला युद्ध के 60 वर्ष: डिप्टी CM तेजस्वी यादव ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

News State Bihar Jharkhand | Edited By : Jatin Madan | Updated on: 18 Nov 2022, 12:21:50 PM
Rezang La War Memorial

रेजांगला वॉर मेमोरियल को 'अहीर धाम' भी कहा जाता है (Photo Credit: सोशल मीडिया)

highlights

. रेजांगला युद्ध के 60 वर्ष पूरे

. मेजर शैतान सिंह को मिला था परमवीर चक्र

. भारत के 114 सपूत हुए थे शहीद

. डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

 

Patna:  

आज रेजांगला युद्ध के 60 वर्ष पूरे हो गए हैं. वर्ष 1962 में चीन के साथ हुए युद्ध के दौरान भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों ने चीनी सेना के दांत खट्टे कर दिए थे. युद्ध के दौरान भले ही भारत को मुंह की खानी पड़ी हो लेकिन रेजांगला के युद्ध में भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट ('13 कुमाऊं') के सैनिकों ने चीनी सेना के दांत खट्टे कर दिए थे. बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने रेजांगला के शहीदों को श्रदांजलि अर्पित की है. तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, '1962 के भारत-चीन युद्ध में युगों तक पीढ़ियों को प्रेरित करने वाली अमिट शौर्यगाथा लिखने वाले रेज़ांगला के वीर शहीदों को आज रेजांगला शौर्य दिवस पर कोटि कोटि नमन.'

बनाया गया है वॉर मेमोरियल

रेजांगला वॉर मेमोरियल को 'अहीर धाम' का नाम भी दिया गया है, क्योंकि '13 कुमाऊं' रेजीमेंट की जिस कंपनी ने 1962 में युद्ध लड़ा था, वो अहीर कौम की कंपनी है. रेजांगला की लड़ाई में अदम्य साहस और वीरता के लिए भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे मेजर शैतान सिंह को मरणोपरांत परमवीर चक्र सम्मान से नवाजा गया था. कहा जाता है कि लड़ाई के बाद मेजर शैतान सिंह के पार्थिव शरीर को जब युद्धस्थल से उठाया गया था तो उनकी उंगली अपनी राइफल के ट्रिगर पर थी. यानी मरते दम तक उन्होंने चीनी सैनिकों से लोहा लिया था.

 

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120 में से सिर्फ 6 सैनिक बचे थे


रेजांगला की लड़ाई में चीन के खिलाफ लड़ते हुए मेजर शैतान सिंह और उनके सभी साथियों का एम्युनेशन यानी गोलियां और गोला-बारूद खत्म हो गया था. इसके बावजूद कुमाऊं रेजीमेंट की 'सी' कंपनी ने चीनी सैनिकों को पहाड़ो से धकेलकर मौत के घाट उतारा ता लेकिन चीनी सैनिकों की संख्या ज्यादा होने के कारण 120 में से 114 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे और शेष 6 सैनिकों को चीनी सेना ने बंदी बना लिया था.

ये भारतीय सेना की एकमात्र ऐसी कंपनी है जो किसी नाम से जानी जाती है. अन्यथा सभी कंपनियों के नाम ए, बी, सी इत्यादि होते हैं.  रेजांगला युद्ध की याद में मशहूर गीतकार प्रदीप ने 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गाने को लिखा था जिसे स्वर कोकिला स्वर्गीय लता मंगेशकर ने गाया था.

First Published : 18 Nov 2022, 12:09:51 PM

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