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टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी भारतीय महिला हॉकी टीम: निक्की प्रधान

भारतीय टीम ने नवंबर में अमेरिका को कुल स्कोर के आधार पर 6-5 से हराकर अब स्थगित हो चुके टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था.

Bhasha | Edited By : Sunil Chaurasia | Updated on: 12 May 2020, 04:05:41 PM
nikki pradhan

निक्की प्रधान (Photo Credit: https://twitter.com/TheHockeyIndia)

बेंगलुरू:  

मिडफील्डर निक्की प्रधान ने मंगलवार को कहा कि भारतीय हॉकी टीम की सदस्य टोक्यो ओलंपिक में पोडियम पर जगह बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी क्योंकि वे ओलंपिक पदक विजेता बनना चाहती हैं, सिर्फ ओलंपियन नहीं. भारतीय महिला हॉकी टीम ने रियो ओलंपिक 2016 में 36 साल बाद जगह बनाई थी. निक्की ने कहा, ‘‘2016 का लम्हा हम सभी के लिए काफी बड़ा था, हम बेहद खुश थे कि हमने 36 साल बाद ओलंपिक में जगह बनाई है लेकिन मुझे लगता है कि यह सिर्फ एक शुरुआत थी.’’

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भारतीय टीम ने नवंबर में अमेरिका को कुल स्कोर के आधार पर 6-5 से हराकर अब स्थगित हो चुके टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था. यह दूसरा अवसर है कि जबकि टीम ने ओलंपिक में जगह बनायी. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हमेशा ओलंपिक पदक का सपना देखा है और मुझे पता है कि बाकी लड़कियां भी चाहती हैं कि उन्हें ओलंपिक पदक विजेता के रूप में पहचाना जाए और सिर्फ ओलंपियन के रूप में नहीं. इसलिए हम जब भी टोक्यो में कदम रखेंगे तो पोडियम पर जगह बनाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे.’’

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इस मिडफील्डर ने ओलंपिक में खेलने के अपने सफर की शुरुआत झारखंड के छोटे से गंवा हेसल से की. खूंटी जिले में पली-बढ़ी निक्की ने कहा कि वह हमेशा से इतने आत्मविश्वास से नहीं भरी थी. उन्होंने कहा, ‘‘मैं ऐसे स्थान से आती हूं जिसने महिला हॉकी को काफी खिलाड़ी दी हैं और निश्चित तौर पर यह सफर काफी कड़ा था क्योंकि तब आपके पास सीमित संसाधन थे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कभी कभी मेरे लिए यह कल्पना करना मुश्किल था कि मैं पेशेवर हॉकी खिलाड़ी हूं लेकिन मुझे लगता है कि मैंने जो कड़ी मेहनत की और मेरे आसपास के लोगों से मुझे जो समर्थन मिला उससे मेरा काफी मनोबल बढ़ा. मैंने राज्य का प्रतिनिधित्व शुरू किया जिसके बाद मुझे राष्ट्रीय टीम में चुना गया.’’

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निक्की का मानना है कि झारखंड में एक बार फिर हॉकी आगे बढ़ रही है. भारत की ओर से 110 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘सलीमा (टेटे) भी टीम में हैं, आप देख सकते हैं कि झारखंड के खिलाड़ी कितने प्रतिभावान हैं. पिछले कुछ वर्षों में उसने काफी सुधार किया है और अपने क्षेत्र से किसी को टीम में देखना काफी अच्छा है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इससे यह भी साबित होता है कि खेल लगातार विकास कर रहा है और खिलाड़ी इसे गंभीरता से ले रही हैं. निश्चित तौर पर मैं उम्मीद करती हूं कि आगामी वर्षों में काफी और खिलाड़ी टीम में जगह बनाएंगी.’’

First Published : 12 May 2020, 04:05:41 PM

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