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विराट कोहली पर उठने लगे सवाल, साल 2019 के बाद जानिए कैसा है प्रदर्शन 

भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरी पारी में जिस तरह आउट हुए, उससे 2014 में उनके इंग्लैंड दौरे पर आउट होने की तुलना की जा रही है.

IANS/News Nation Bureau | Edited By : Pankaj Mishra | Updated on: 27 Jun 2021, 09:05:32 AM
Virat Kohli ians

Virat Kohli ians (Photo Credit: IANS)

नई दिल्‍ली :

भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरी पारी में जिस तरह आउट हुए, उससे 2014 में उनके इंग्लैंड दौरे पर आउट होने की तुलना की जा रही है. लेकिन इस बार वह तकनीक के बजाए मानसिक रूप से संघर्ष कर रहे हैं. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन का मानना है कि दूसरी पारी में विराट कोहली जिस तरह आउट हुए वो वैसा ही है, जैसे वह 2014 में इंग्लैंड सीरीज के दौरान आउट हुए थे. विराट कोहली ने हाल ही में टेस्ट में जिस तरह का प्रदर्शन किया है उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने आखिरी बार नवंबर 2019 में टेस्ट शतक जड़ा था जिसके बाद से आठ टेस्ट मैचों में उनका औसत 24.64 का है.

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भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज, कोच और चयनकर्ता अंशुमान गायकवाड़ ने आईएएनएस से कहा कि खराब समय सभी के करियर में आता है. ऐसा सुनील गावस्कर, मोहिंदर अमरनाथ और मेरे साथ भी हुआ है. मेरा 1969, 1970 और 1971 में अच्छा सीजन गया था लेकिन 1972 में रणजी ट्राफी में मैं पांच बार शून्य पर आउट हुआ. एक अन्य पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता गगन खोडा ने भी कहा कि यह चिंता का विषय नहीं है. गगन खोड़ा ने आईएएनएस से कहा कि सभी खिलाड़ी खराब फॉर्म से गुजरते हैं. आठ टेस्ट मैचों में शतक नहीं बनाना या औसत में गिरावट का मतलब यह नहीं है कि कोहली जैसे बल्लेबाज आगे भी विफल रहेंगे. उन्होंने पिछले कई वर्षो में कई शतक और रन बनाए हैं. ऐसा समय आता है जब वह संघर्ष करते हैं और यह हर बल्लेबाज के साथ होता है.

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अंशुमान गायकवाड़ ने विराट कोहली में किसी भी तकनीकी कमजोरी को दोष देने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि आप जितना खेलेंगे उतना ही हिसाब आपके दिमाग में चलेगा. तकनीक दिमाग से चलती है. आपको लगता है कि यह काम करेगा लेकिन यह काम नहीं करता. क्रिकेट दिमाग का खेल है और यह ऐसा है कि आप कैसे अपने दिमाग को चलाते हैं. अंशुमान गायकवाड़ ने कहा कि कई बार खिलाड़ी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाते और कोहली के साथ ऐसा ही हुआ है. उन्होंने कहा कि कई बार आकलन गलत हो जाता है. हमने सोचा था कि भारत जीतेगा लेकिन उन्होंने क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया। व्यक्तियों के साथ भी ऐसा ही हो सकता है. नंवबर 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ अपने आखिरी टेस्ट शतक के बाद कोहली ने आठ टेस्ट मैचों में सिर्फ तीन अर्धशतक लगाए हैं.

First Published : 27 Jun 2021, 09:05:32 AM

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