अंडर-19 वर्ल्ड कप में काली पट्टी बांधकर क्यों उतरे भारतीय खिलाड़ी? जानिए वजह

Under-19 World Cup 2026: अंडर-19 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम के खिलाड़ी सुपर-6 में जिम्बाब्वे के साथ खेले जा रहे मैच में काली पट्टी पहनकर उतरे हैं.

Under-19 World Cup 2026: अंडर-19 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम के खिलाड़ी सुपर-6 में जिम्बाब्वे के साथ खेले जा रहे मैच में काली पट्टी पहनकर उतरे हैं.

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Sonam Gupta
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Why did the Indian players wear black armbands in the Under-19 World Cup

Why did the Indian players wear black armbands in the Under-19 World Cup

Under 19 World Cup 2026: अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 रोमांचक अंदाज में आगे बढ़ रहा है. भारत और जिम्बाब्वे के बीच सुपर-6 का एक अहम मुकाबला खेला जा रहा है. इस मैच में टॉस जीतकर जिम्बाब्वे ने गेंदबाजी चुनी और भारत पहले बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरी. जब भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करने मैदान पर आई, तो देखा गया कि खिलाड़ियों ने हाथ में काली पट्टी बांध रखी थी. आइए जानते हैं कि किस वजह से भारतीय खिलाड़ियों ने हाथ में काली पट्टी बांधी है.

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काली पट्टी बांधकर क्यों उतरे भारतीय खिलाड़ी?

जिम्बाब्वे के साथ खेले जा रहे मुकाबले में टॉस हारकर टीम इंडिया पहले बल्लेबाजी कर रही है. जहां, ओपनिंग करने आए वैभव सूर्यवंशी और एरोन जॉर्ज मैदान पर आए. देखा गया कि दोनों के ही बाजुओं में काली पट्टी बंधी हुई है. इसके बाद से ही सवाल उठने लगे कि आखिर भारतीय खिलाड़ियों ने काली पट्टी क्यों बांधी है?

दरअसल, रविवार को पूर्व बीसीसीआई प्रेसिडेंट इंद्रजीत सिंह बिंद्रा (I S Bindra) का निधन हो गया था, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट में अहम योगदान दिया. रिपोर्ट्स में दावा में किया जा रहा है कि आईएस बिंद्रा के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए ही खिलाड़ियों ने काली पट्टी बांधी.

कौन थे IS बिंद्रा?

I S बिंद्रा का पूरा नाम इंद्रजीत बिंद्रा है, मगर क्रिकेट के गलियारों में उन्हें सभी आई एस बिंद्रा के नाम से जानते हैं. बिंद्रा ने भारतीय क्रिकेट में बड़ा योगदान दिया है. उन्होंने 1993 से 1996 तक BCCI अध्यक्ष के रूप में काम किया, लेकिन पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) के प्रमुख के तौर पर बिंद्रा का दबदबा 36 साल तक रहा, 1978 से 2014 तक, जब वे क्रिकेट प्रशासन से रिटायर हुए.

उन्होंने मोहाली में PCA स्टेडियम को दुनिया के नक्शे पर पहचान दिलाई, जिसका नाम बाद में उनके नाम पर रखा गया. ये बात किसी से छिपी नहीं है कि इस स्टेडियम में कई बड़े मैच खेले गए, जिसमें 2011 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल भी शामिल है, जिसमें भारत ने दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के सामने पाकिस्तान को हराया था.

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