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IPL Photograph: (X/IPL)
IPL: आईपीएल 2026 की शुरुआत जल्द ही होने वाली है. मार्च के अंतिम या फिर अप्रैल के पहले सप्ताह में दुनिया की सबसे चर्चित और महंगी लीग की शुरुआत होने की उम्मीद है. इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी संस्करण से पहले सभी टीमों के खिलाड़ियों ने अभ्यास शुरू कर दिया है. चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स जैसी टीमों के खिलाड़ी लगातार अभ्यास में जुटे हुए हैं.
आईपीएल के 19वें संस्करण की शुरुआत से पहले आज हम आपको इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं. हम आपको बताएंगे कि, आईपीएल को शुरू करने का ख्याल किस के दिमाग में आया. कैसे आईपीएल की शुरुआत हुई. इस टूर्नामेंट को शुरू करने के दौरान क्या-क्या चुनौतियां बीसीसीआई के सामने आईं. आइए इस सब के बारे में जानते हैं.
किसका था IPL शुरू करने का ख्याल
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत करने का ख्याल ललित मोदी के दिमाग में आया था. ललित मोदी उस समय बीसीसीआई के उपाध्यक्ष थे. उन्होंने आईपीएल की नींव रखी. 2007 में भारत की टी20 विश्व कप जीत के बाद छोटे फॉर्मेट की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी थी. इसका फायदा उठाने के लिए ललित ने ये प्लान बनाया. ललित मोदी के अलावा संस्थागत समर्थन और प्रशासनिक मजबूती देने में शरद पवार की भूमिका अहम निभाई. उस समय शरद पवार बीसीसीआई के अध्यक्ष थे.
उन्होंने इस परियोजना को बीसीसीआई का समर्थन दिलाया और इसे आधिकारिक रूप से जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने आईपीएल के लिए शहर आधारित फ्रेंचाइजी मॉडल तैयार किया, जिसके आधार पर अलग-अलग शहरों की टीमों मालिकों द्वारा बनाई जाएंगी, जो अपने शहर में मैच खेलेगी. इसमें दुनिया भर के खिलाड़ी खेलेंगे और उनको फ्रेंचाइजी पैसा देगी.
Lalit Modi created this BEAST back in 2008, and Cricket changed forever.
— Aditya Saha (@Adityakrsaha) December 16, 2025
IPL has changed life for so many players overnight. pic.twitter.com/SWcE7nkllI
आईपीएल की शुरुआत से पहले आईं क्या चुनौतियां
ललित मोदी ने जब आईपीएल के प्लान को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के सामने रखा तो बीसीसीआई इसमें इंटरेस्ट नहीं ले रहा था. वो ये लीग करना नहीं चाहता था क्योंकि बीसीसीआई को पता था कि भारत में इतनी बड़ी लीग का आयोजन करना और देश और दुनिया के इतने खिलाड़ियों को मैनेज करना आसान नहीं होने वाला था. विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के साथ तालमेल बिठाना भी आसान नहीं था.
इसके अलावा फ्रेंचाइजी आधारित मॉडल भारत में नया प्रयोग था, जिसमें भारी निवेश और प्रसारण अधिकारों की बड़ी डील शामिल थी. लेकिन ललित मोदी के कई प्रयासों के बाद बिजनेस जगत के बड़े-बड़े लोग इनवेस्ट करने के लिए तैयार हो गए. उन्होंने टीमें खरीद और खिलाड़ियों को पैसा दिया, जिसके बाद बीसीसीआई के सहयोग से आईपीएल की शुरुआत हुई.
कब हुआ इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत
आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत साल 2008 में हुई. इस टूर्नामेंट के पहले सीजन में कुल 8 टीमों ने हिस्सा लिया था. आईपीएल ने भारतीय क्रिकेट को एक नए दौर में पहुंचा दिया. इसके बाद आईपीएल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि खेल, मनोरंजन और कारोबार का अनोखा संगम बन गया. आईपीएल में खिलाड़ियों के साथ-साथ टीम के मालिकों पर भी जमकर पैसा बरसा. आज आईपीएल दुनिया की सबसे चर्चित टी20 लीगों में गिनी जाती है.
आईपीएल का पहला सीजन युवाओं से सजी टीम राजस्थान रॉयल्स ने जीता था. पहले सीजन की सफलता ने सभी आशंकाओं को दूर कर दिया. इसके बाद से आईपीएल में भरे हुए स्टेडियम, टीवी दर्शकों की रिकॉर्ड संख्या और युवा खिलाड़ियों को मंच मिलना सभी रास आया. आज ये लीग वैश्विक ब्रांड बन गई है. आईपीएल ने भारतीय क्रिकेट की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया है. आज आईपीएल में सिर्फ 8 टीमें नहीं बल्कि 10 टीमें खेलती है.
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