/newsnation/media/media_files/2026/01/23/dangerous-pitches-in-indian-history-2026-01-23-12-52-22.jpg)
Dangerous Pitches in Indian History Photograph: (Dangerous Pitches in Indian History)
Dangerous Pitches in Indian History: भारत में क्रिकेट को सिर्फ एक खेल नहीं माना जाता है, यहां इस खेल को पूजा जाता है. भारत में रहने वाला हर एक इंसान अपने दिल में क्रिकेट के लिए जुनून रखता है. भारत में क्रिकेट के लिए क्रेज 1983 के बाद शुरू होगा, जो 2007, 2011 और 2024 में चरम पर पहुंच गया. ये सब वो साल हैं, जब भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए आईसीसी वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम की. भारत अपने घर पर दुनिया भर की तमाम टीमों के साथ खेलता है. भारत में काफी शानदार स्टेडियम हैं, जहां पर अक्सर क्रिकेट के मैच खेले जाते हैं.
अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम एक लाख से ज्यादा दर्शकों की क्षमता रखता है तो वहीं मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम हमेशा भारत के लिए मैचों में फैसले लाने के जाना जाता है. खूबसूरती के मामले में हिमाचल प्रदेश का धर्मशाला स्टेडियम लाजवाब है. लेकिन क्रिकेट के खेल के दौरान कभी-कभी मैदान की पिच खिलाड़ियों और मैच की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाती है.
भारत में कुछ स्टेडियम ऐसे भी हैं, जिनका इतिहास खिलाड़ियों के लिए खतरनाक और डरावना साबित हुआ है. आज हम आपको भारत के ऐसे ही 2 स्टेडियम के बारे में बताने वाले हैं, जहां पर खराब पिचों और जान-माल की हानि से बचने के लिए मैच को बीच में ही रोक दिया गया.
1 - फिरोजशाह कोटला स्टेडियम, दिल्ली
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम को पहले फिरोजशाह कोटला स्टेडियम के नाम से जाना जाता था. इस मैदान पर 27 दिसंबर 2009 को भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय सीरीज का पांचवां वनडे खेला जा रहा था. इस मैच की शुरुआत तो सामान्य थी, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा वैसे-वैसे पिच पर गेंद का उछाल अजीब हो गया. बल्लेबाज सही ढंग से खेल पाने में असमर्थ थे और कई बार गेंद अनियंत्रित होकर दिशा बदल रही थी.
इस सबके बीच गेंद कई बार श्रीलंका के खिलाड़ियों को जाकर लगी और चोट का खतरा मंडराने लगा. इस सब को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर अंपायरों ने मैच बीच में रद्द करने का फैसला किया. ऐसे में बल्लेबाजों के लिए खतरा बन चुकी इस डरावनी पिच पर मैच रद्द कर दिया गया.
#OnThisDay in 2009, the India-Sri Lanka ODI in Delhi was abandoned due to a dangerous pitch 🚨
— Cricbuzz (@cricbuzz) December 27, 2025
Do you remember which Indian bowler made his ODI debut in that match?🤔 pic.twitter.com/2GuAlaUF89
2 - नेहरू स्टेडियम, इंदौर
साल 1997 में भारत और श्रीलंका के बीच वनडे मैच नेहरू स्टेडियम इंदौर में खेला गया. इस मैदान की पिच की असमान सतह और खतरनाक उछाल बल्लेबाजों के लिए खतरा बन गया. इसके कुछ ओवरों के बाद कप्तानों और अंपायरों ने मिलकर मैच को रद्द करने का फैसला लिया. ये मैच सिर्फ 18 गेंदों बाद रोक दिया गया था. ये दोनों टीमों के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मैच था. इस घटना के बाद इंदौर के इस शानदार स्टेडियम पर आईसीसी ने दो साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था.
Another DANGEROUS PITCH ☠️ at Indore.
— Mr. Athar🏏 (@cricdrugs) December 4, 2025
India vs Sri Lanka 1997 called off after 3 overs. https://t.co/AOkuJAvLSwpic.twitter.com/C27k4Qnyn0
ऐसे मैचों में होता है जान-माल का खतरा
क्रिकेट स्टेडियम की पिचों पर इस तरह के असमान उछाल के कारण गेंद बल्लेबाजों को लग सकती है. इससे उनको चोट लगने का खतरा बन जाता है. गेंद अगर गलत जगह लगती है तो जान पर भी खतरा बन सकता है. ऑस्ट्रेलिया में तेज गेंदबाज शॉन एबॉट की तेज गेंद फिलिप ह्यूज के हेलमेट से लगते हुए उनके गर्दन के निचले हिस्से पर लगी और उनकी मौत हो गई. क्रिकेट के मैदान पर ऐसे कई उदाहरण और भी मौजूद हैं, जब खिलाड़ियों को शारीरिक हानि हुई है.
इसके अलावा क्रिकेट फैंस काफी पैसा कर खर्च कर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को स्टेडियम में देखने के लिए आते हैं. ऐसे में उन्हें अगर पूरा मैच नहीं देखने को मिले या खराब पिचों की वजह से मैच को शुरू होते ही रोकना पड़ जाए तो इससे दर्शक गुस्से में आ सकते हैं. वो मैदान में तोड़ फोड़ कर सकते हैं. इसके अलावा वो खिलाड़ियों को हानि पहुंचाने के लिए उन पर बोतल, जूते आदि तरह की चीजें फेंक सकते हैं. गुस्साए दर्शकों से स्टेडियम के स्टैंड और पिचों को हानि पहुंचने की उम्मीद होती है.
ये भी पढ़ें :IND vs NZ 2nd T20: हार्दिक पांड्या इतिहास रच आज मचाएंगे तहलका, रोहित, धोनी और कोहली के क्लब में करेंगे एंट्री
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us