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B'day Kapil Dev: भारत के पहले विश्व विजेता कप्तान कपिल देव के किस्से और उनके आंकड़े 

भारत ने साल 2011 में एमएस धोनी की कप्तानी में विश्व कप खिताब अपने नाम किया, लेकिन ये दूसरी ट्रॉफी थी. भारत को पहला विश्व कप दिलाने का सारा श्रेय पूर्व कप्तान कपिल देव को जाता है.

By : Pankaj Mishra | Updated on: 06 Jan 2021, 11:39:18 AM
Kapil dev

Kapil dev (Photo Credit: ians)

नई दिल्ली :

भारत ने साल 2011 में एमएस धोनी की कप्तानी में विश्व कप खिताब अपने नाम किया, लेकिन ये दूसरी ट्रॉफी थी. भारत को पहला विश्व कप दिलाने का सारा श्रेय पूर्व कप्तान कपिल देव को जाता है. हालांकि विश्व कप की जीत में पूरी टीम का योगदान था, लेकिन जो जज्बा और जोश कपिल देव ने टीम में भरा, यही कारण रहा कि फाइनल में तब तक अजेय मानी जाने वाली वेस्टइंडीज को हराकर भारत ने विश्व खिताब अपने नाम किया था. आज यानी छह जनवरी को उन्हीं विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव का जन्मदिन है. 

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कपिल देव का जन्म आज ही के दिन साल 1959 को चंडीगढ़ में हुआ था. हालांकि कम ही लोग जानते हैं कपिल देव का पूरा नाम कपिल देव निखंज है. कपिल देव विश्व विजेता कप्तान तो रहे ही हैं, साथ ही उन्होंने अपने आलराउंडर प्रदर्शन से भारत को कई और जीतें भी दिलाई हैं.  कपिल देव ने करीब 16 साल तक क्रिकेट खेला और कई कीर्तिमान अपने नाम किए, जिसमें से कितने ही तो ऐसे हैं, जो अभी तक कोई नहीं तोड़ पाया है. 

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कपिल देव ने अपना पहला मैच 16 अक्टूबर 1978 को पाकिस्तान के खिलाफ खेला था. लेकिन अमूमन देखने के लिए मिलता है कि जो खिलाड़ी अपने करियर के शुरुआती मैचों में ज्यादा कुछ नहीं कर पाते हैं, वे लंबे वक्त के लिए खेलते हुए देखे जाते हैं.  बात चाहे कपिल देव की हो, सचिन तेंदुलकर की हो या फिर एमएस धोनी. ये सभी शुरुआती मैचों में कुछ ऐसा नहीं कर सके, जिसे याद किया जाए, लेकिन जैसे जैसे ये आगे बढ़े, इनके खेल में एक अलग ही तरह का निखार आने लगा. 

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कपिल देव की बात हो और विश्वकप 1983 फाइनल मैच और उससे पहले जिम्बाब्वे के साथ हुए मैच का जिक्र न हो, ऐसा नहीं हो सकता.  भारत ने फाइनल में 183 रन ही बनाए थे. तब किसी ने भी नहीं सोचा था कि वेस्टइंडीज जैसी धाकड़ टीम को भारत हरा पाएगा, लेकिन शानदार गेंदबाजी और फील्डिंग से भारत ने ये कारनामा कर दिखाया. हालांकि इससे पहले कपिल देव की जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई आक्रामक शतकीय पारी भी आई थी. तब भारत ने मात्र 17 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे. आउट होने वाले बल्लेबाजों में सुनील गावस्कर, श्रीकांत, मोहिंदर अमरनाथ, संदीप पाटिल और यशपाल शर्मा थे, लेकिन जब कपिल देव क्रीज पर आए तो सब कुछ बदल गया. कपिल देव ने इस मैच में 175 रन की पारी खेली, जो किसी भी कप्तान की ओर से विश्व कप में खेली गई सबसे बड़ी पारी कई साल तक रही. 

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कपिल देव ने अपने बल्ले और गेंद से कई बार करिश्माई क्रिकेट खेली. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 434 विकेट और 5288 रन बनाए हैं, वहीं वन डे की बात करें तो उनके नाम 253 विकेट हैं तो  3783 रन बनाए हैं. टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के बाद ही साल 1994 में कपिल देव ने संन्यास का ऐलान कर दिया था. हालांकि अब कपिल देव पर एक फिल्म भी बन रही है, जिसमें उनका रोल रणवीर सिंह करते हुए नजर आएंगे. 

First Published : 06 Jan 2021, 11:21:16 AM

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