News Nation Logo
कोविड के खिलाफ लड़ाई में भी भारत और रूस के बीच सहयोग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत में 85 फीसदी पात्र आबादी को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगा दी गई है: मनसुख मंडाविया दिल्ली में इस साल डेंगू से अब तक 15 मरीजों की मौत बीते 6 साल में डेंगू से मौत का सबसे बड़ा आंकड़ा शाही ईदगाह मस्जिद की जगह पर भव्य श्रीकृष्ण मंदिर के निर्माण के लिए संकल्प यज्ञ किया गया ओमिक्रोन के अलर्ट के बीच पटना में 100 विदेशियों की तलाश भारत ने न्यूजीलैंड को 372 रन से हराकर टेस्ट मैच श्रृंखला 1-0 से जीती टीम इंडिया ने घर में लगातार 14वीं टेस्ट सीरीज जीती न्यूजीलैंड पर 372 रनों से जीत रनों के लिहाज से भारत की टेस्ट मैचों में सबसे बड़ी जीत है उत्तराखंड के चमोली में देवल ब्लॉक के ब्रह्मताल ट्रेक मार्ग पर बर्फबारी हुई रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ नई दिल्ली में बैठक की

मोदी सरकार का चीन को जवाब, हाइपरसोनिक मिसाइल तैयार कर रहा भारत

स्वतंत्र कांग्रेशनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) ने इस सप्ताह जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि अमेरिका, रूस और चीन सबसे आधुनिक हाइपरसोनिक हथियार कार्यक्रम चला रहा हैं.

Written By : विजय शंकर | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 22 Oct 2021, 01:03:24 PM
Brahmos Hypersonic

रूस के साथ तकनीकी सहयोग से भारत विकसित कर रहा है मिसाइल. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • अमेरिकी कांग्रेशनल रिसर्च सर्विस रिपोर्ट का एक बड़ा दावा
  • भारत भी तैयार कर रहा अत्याधुनिक हाइपरसोनिक मिसाइल
  • चीन ने अगस्त में किया था परीक्षण, जो लक्ष्य से चूका

नई दिल्ली:

पिछले दिनों एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चीन (China) ने इसी साल अगस्त के महीने में एक हाइपरसोनिक मिसाइल (Hypersonic Missile) का परीक्षण किया था. यह अलत बात है कि रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि चीनी हाइपरसोनिक मिसाइल लक्ष्य से काफी दूर गिरी. फिर भी इस खबर ने अमेरिका (America) समेत कई विकसित देशों में हलचल पैदा कर दी. अब अमेरिकी संसद की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत (India) भी उन गिने-चुने देशों में शामिल है, जो हाइपरसोनिक मिसाइल को बनाने की दिशा में काम कर रहा है. सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि भारत की हाइपरसोनिक मिसाइल के विकास में रूस तकनीकी मदद मुहैया करा रहा है. 

मैक 7 ब्रह्मोस मिसाइल है हाइपरसोनिक
स्वतंत्र कांग्रेशनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) ने इस सप्ताह जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि अमेरिका, रूस और चीन सबसे आधुनिक हाइपरसोनिक हथियार कार्यक्रम चला रहा हैं. इनके अलावा ऑस्ट्रेलिया, भारत, फ्रांस, जर्मनी और जापान जैसे देश भी हाइपरसोनिक हथियार तकनीक विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. सीआरएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और भारत ने रूस के साथ इस संबंध में गठजोड़ किया है. इसके तहत भारत मैक 7 हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस 2 को विकसित करने में रूस से तकनीकी सहयोग ले रहा है.   

यह भी पढ़ेंः  पीएम मोदी बोले- कवच कितना भी मजबूत हो, युद्ध में हथियार नहीं डालते

लक्ष्य से पीछे है भारतीय हाइपरसोनिक मिसाइल का विकसित
रिपोर्ट में सामरिक विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि हालांकि ब्रह्मोस 2 को 2017 में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन समाचार रिपोर्ट संकेत देती है कि इस कार्यक्रम में काफी देर हो गई. अब इसके लिए 2025 और 2028 के बीच हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है. सीआरएस के मुताबिक भारत अपने हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी प्रदर्शक वाहन कार्यक्रम के तहत एक स्वदेशी, दोहरे रूप से सक्षम हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल भी विकसित कर रहा है और उसने जून 2019 और सितंबर 2020 के बीच मैक 6 स्क्रैमजेट का सफलतापूर्वक परीक्षण भी कर लिया गया है.

यह भी पढ़ेंः  ताइवान पर खुलकर आया अमेरिका, कहा- चीन ने किया हमला तो.....

चीन ने अगस्त में किया था हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण
अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत दर्जन भर हाइपरसोनिक पवन सुरंगों को बना चुका है, जिनमें 13 मैक तक की गति का परीक्षण करने में सक्षम है. फाइनेंशियल टाइम्स की खबर के मुताबिक चीन ने अगस्त में एक परमाणु-सक्षम मिसाइल का परीक्षण किया था, जिसने अपने लक्ष्य की ओर तेजी के साथ बढ़ने से पहले पृथ्वी का चक्कर लगाया. इस परीक्षण से अमेरिकी खुफिया एजेंसियां भी हैरान रह गई थीं. हालांकि चीन ने प्रतिक्रिया में कहा है कि उसने एक हाइपरसोनिक यान (व्हीकल) का परीक्षण किया है, न कि परमाणु-सक्षम हाइपरसोनिक मिसाइल का. बताते हैं कि चीन ने उन्नत अंतरिक्ष क्षमता वाली एक हाइपरसोनिक मिसाइल अपने लक्ष्य से 24 मील की दूरी पर जा गिरी थी.

First Published : 22 Oct 2021, 01:01:34 PM

For all the Latest Specials News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.