News Nation Logo

भाजपा बंगाल में हिंदू वोटों को मजबूत करने में विफल रही

भाजपा हिंदू समर्थन हासिल करने के लिए जमकर प्रचार कर रही थी, तो यह घटकर 50 प्रतिशत रह गया.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 10 May 2021, 12:29:01 PM
Bengal BJP

बंगाल में हिंदू मतदाताओं को थामे नहीं रख सकी बीजेपी. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • लोकसभा चुनावों को बढ़तो को कायम नहीं रख सकी बीजेपी
  • टीएमसी को विधानसभा चुनाव में हिंदू-मु्स्लिम दोनों के वोट
  • मतुआ, महिषी और आदिवासियों जैसी निचली जातियों की दूरी

कोलकाता:

पश्चिम बंगाल  (West Bengal) विधानसभा में भाजपा हालांकि 2016 की तुलना में 2021 में तीन से बढ़कर 77 तक पहुंच गई है. 74 सीटों की पर्याप्त वृद्धि हुई है, लेकिन बहुमत के आंकड़े 121 से नीचे रही. पिछले लोकसभा चुनावों में भाजपा (BJP) की सफलता नरेंद्र मोदी-अमित शाह के बैनर तले हिंदू वोटों के अत्यधिक ध्रुवीकरण का नतीजा थी, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनावों में, भगवा खेमा उस समय हिंदू समर्थन के स्तर को बनाए रखने में नाकाम रहा. पिछले आम चुनाव में अपनी अपेक्षाओं और अपने प्रदर्शन से बहुत नीचे.

भाजपा ने गंवा दिए हिंदू वोटर्स
राज्य में किए गए कुछ प्रमुख सर्वेक्षणों के अनुसार, पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा का हिंदू वोटों का हिस्सा 2016 में 12 प्रतिशत से बढ़कर 57 प्रतिशत या कुल मिलाकर लगभग तीन-पांच प्रतिशत था, लेकिन आश्चर्यजनक रूप जब भाजपा हिंदू समर्थन हासिल करने के लिए जमकर प्रचार कर रही थी, तो यह घटकर 50 प्रतिशत रह गया. 7 प्रतिशत का पर्याप्त क्षरण, जिसने इसे अपने इच्छित लक्ष्य तक पहुंचने से रोक दिया.

यह भी पढ़ेंः भारत को विदेशी मदद को लेकर राहुल ने बोला वार, की मोदी सरकार की आलोचना

टीएमसी ने बटोरे हिंदू वोट भी
दिलचस्प बात यह है कि दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस, जिसने 2016 के विधानसभा चुनावों में 43 प्रतिशत हिंदू वोट हासिल किए थे, लगभग 11 प्रतिशत का नुकसान हुआ और 2019 के लोकसभा चुनावों में 32 प्रतिशत पर आ गई, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से यह 39 प्रतिशत हिंदू वोटों का समर्थन हासिल करने में कामयाब रहा, फिर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा.  इस 7 प्रतिशत का विधानसभा चुनाव में गणित के पीछे महत्वपूर्ण योगदान था. हिंदू वोट के समर्थन के अलावा, तृणमूल लगभग 75 प्रतिशत मुस्लिमों के समर्थन को हासिल करने में सफल रही और इसने उन्हें चुनाव में जीत दिलाई.

यह भी पढ़ेंः AMU में 20 दिनों में Corona से 26 मौतें, ICMR से जीनोम स्टडी की मांग

भगवा खेमे से दूर रहीं निचली जातियां
भाजपा खेमा हिंदू वोट के एक हिस्से की वफादारी के पीछे संभावित कारणों का पता लगाने की कोशिश कर सकता है, लेकिन एक बात तय है कि एनआरसी और सीएए मुद्दे राज्य की निम्नवर्गीय हिंदू जातियों के बीच अच्छे से नहीं चल पाए. हालांकि भाजपा सवर्णों की निष्ठा को बनाए रखने में सफल रही, लेकिन मतुआ, महिषी और आदिवासियों जैसी निचली जातियों ने भगवा खेमे से दूरी बना ली.

LIVE TV NN

NS

NS

First Published : 10 May 2021, 12:27:30 PM

For all the Latest Specials News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो