अमेरिका की 'चाल' से हुआ El Mencho ढेर, CJNG ने बदले में 20 राज्यों में लगाई आग..., फैली अराजकता

El Mencho: 2006 में राष्ट्रपति फेलिपे काल्डेरॉन ने देश में 'ड्रग वॉर' घोषित किया जिसमें सेना को कार्टेलों के खिलाफ उतारा गया. इससे हिंसा भडक गई और लगभग 4 लाख लोग मारे गए या लापता हो गए.

El Mencho: 2006 में राष्ट्रपति फेलिपे काल्डेरॉन ने देश में 'ड्रग वॉर' घोषित किया जिसमें सेना को कार्टेलों के खिलाफ उतारा गया. इससे हिंसा भडक गई और लगभग 4 लाख लोग मारे गए या लापता हो गए.

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Amit Kasana
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El Mencho की फाइल फोटो और उसकी मौत के बाद हुई आगजनी

El Mencho: मेक्सिको में ड्रग कार्टेलों की दुनिया हमेशा से हिंसा, सत्ता संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव की कहानी रही है. 22 फरवरी को मेक्सिकन सेना ने जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (सीजेएनजी) के प्रमुख नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस जिसे 'एल मेंचो' के नाम से जाना जाता है को एक ऑपरेशन में मार गिराया. 

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यह घटना देश के क्राइम इतिहास में एक बड़ा मोड़ है, लेकिन इससे पहले कि हम वर्तमान हालात पर बात करें. आइए आपको समझते हैं कि मेक्सिको के ड्रग कार्टेल कैसे बने और कैसे उन्होंने देश को हिंसा की चपेट में लिया.

मेक्सिको में ड्रग कार्टेलों का उदय कब हुआ?

मेक्सिको में ड्रग ट्रेड की शुरुआत 19वीं शताब्दी के अंत में चीनी प्रवासियों से हुई थी ये लोग अफीम (ओपियम) के बीज और उत्पादन की जानकारी लेकर यहां आए थे. उस समय अमेरिका में चीनी मजदूरों पर प्रतिबंध लगने से कई लोग मेक्सिको में बस गए और उन्होंने अवैध स्मगलिंग नेटवर्क विकसित किया. 


मेक्सिको को कोकेन ट्रांसपोर्ट का रूट बनाया गया

मेक्सिकन ​मीडिया के अनुसार देश में आधुनिक कार्टेलों की नींव 1980s में पड़ी जब कोलंबियाई कार्टेलों (जैसे मेडेलिन और कैली) ने मेक्सिको को कोकेन ट्रांसपोर्ट का रूट बनाया. अमेरिका की 'वॉर ऑन ड्रग्स' नीति ने कैरिबियन रूट्स को बंद कर दिया जिससे मेक्सिकन समूहों को यहां नशीले पदार्थ का हब बनाने का मौका मिल गया.

शुरुआती कार्टेल था गुआदालाजारा कार्टेल 

यहां मुख्य शुरुआती कार्टेल था गुआदालाजारा कार्टेल जिसका नेतृत्व मिगुएल एंजेल फेलिक्स गालार्डो (उपनाम 'एल पाद्रिनो') कर रहा था. यह समूह कोलंबियाई कोकेन को अमेरिका पहुंचाने का मुख्य माध्यम बना. 1980s के अंत में गालार्डो की गिरफ्तारी से यह कार्टेल टूट गया और इससे कई गुट निकले जिन्हें बाद में सिनालोआ, तिजुआना, जुआरेज और गल्फ कार्टेल से जाना गया. ये समूह मारिजुआना, हेरोइन और कोकेन के अलावा राजनीतिक प्रभाव और भ्रष्टाचार के जरिए मजबूत हुए.

हिंसक घटनाएं हुईं तो सेना ने संभाला मोर्चा

2006 में राष्ट्रपति फेलिपे काल्डेरॉन ने देश में 'ड्रग वॉर' घोषित किया जिसमें सेना को कार्टेलों के खिलाफ उतारा गया. इससे हिंसा भडक गई और लगभग 4 लाख लोग मारे गए या लापता हो गए. बताया जाता है गल्फ कार्टेल से निकले लॉस जेटास (पूर्व सैनिकों का गुट) ने क्रूरता की नई मिसाल कायम की जैसे सिर काटना और आम नागरिकों को निशाना बनाना शामिल था.

2010 में बना सीजेएनजी, अमेरिका इसलिए है दुश्मन 

देश में 2010 में सीजेएनजी का उदय हुआ जो शुरू में जेटास के खिलाफ 'माता जेटास' के रूप में काम करता था. लेकिन जल्द ही यह सबसे शक्तिशाली और हिंसक कार्टेल बन गया जो ड्रोन से हमले माइंस और रॉकेट लॉन्चर इस्तेमाल करता है. सिनालोआ कार्टेल (एल चापो गुजमान का) अभी भी प्रमुख है लेकिन सीजेएनजी ने फेंटेनिल ट्रैफिकिंग में बाजी मारी जो अमेरिका में ओवरडोज मौतों का मुख्य कारण है.

कौन था एल मेंचो? जिसे कहते थे सीजेएनजी का क्रूर चेहरा

एल मेंचो एक पूर्व पुलिस अधिकारी था उसने सीजेएनजी को मेक्सिको का सबसे बड़ा कार्टेल बनाया. उसने जलिस्को से शुरूआत की और यहां से 47 देशों में अपना सम्राज्य फैलाया जिसमें ड्रग्स के अलावा एक्सटॉर्शन, माइग्रेंट स्मगलिंग और हथियार व्यापार शामिल की तस्करी शामिल है. अमेरिका ने इसे विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया और 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम रखा. मेंचो की क्रूरता मशहूर थी  कि वह विरोधियों को जिंदा जला देता या उन पर ड्रोन से बम गिरा देता था 

आज की कार्रवाई 

22 फरवरी को जलिस्को के तापाल्पा में सेना के ऑपरेशन में मेंचो घायल हुआ और मैक्सिको सिटी ले जाते वक्त मर गया. ऑपरेशन में चार सीजेएनजी सदस्य मारे गए और दो गिरफ्तार हुए हैं. अमेरिका ने मेक्सिको की सेना को इस ऑपरेशन  के लिए इंटेलिजेंस सपोर्ट दिया. लेकिन मौत के बाद सीजेएनजी ने बदला लिया और देश के 20 राज्यों में रोड ब्लॉक, कारों और बसों में आग, बंदूकबाजी शुरू कर दी है. हिंसक घटनाओं के बाद गुआदालाजारा और प्यूर्टो वालार्टा में फ्लाइट्स रद्द, स्कूल बंद हैं देश में अमेरिकी पर्यटक फंसे हुए हैं हिंसा में किसी आम लोगों की मौत नहीं हुई है लेकिन पूरे देश में अराजकता फैली हुई है.

एल मेंचो पर कार्रवाई के बाद वर्तमान हालात

वर्तमान में सिनालोआ और सीजेएनजी मुख्य हैं लेकिन मेंचो की मौत से पावर वैक्यूम बनेगा. सिनालोआ में भी हाल में 'एल मायो' जंबाडा की गिरफ्तारी से संघर्ष बढ़ा है. फेंटेनिल ट्रेड अमेरिका-मेक्सिको संबंधों को प्रभावित कर रहा है और ट्रंप प्रशासन कार्टेलों को आतंकी मानता है. मेक्सिको में 100+ छोटे गुट हैं जो स्थानीय हिंसा बढ़ाते हैं.

एल मेंचो की मौत के बाद क्या होगा आगे?

मेंचो की मौत के बाद उसके ग्रुप को बड़ा झटका लगा है अब उसका कार्टेल टूट सकता है या नए लीडर उभर सकते हैं जिससे हिंसा और बढ़ेगी. रिपोर्टृस के अनुसार मेक्सिको सरकार को अब भ्रष्टाचार और गरीबी पर फोकस करना होगा वरना यह चक्र चलता रहेगा. इसका काम में अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे अमेरिका की मदद जरूरी है लेकिन ड्रग डिमांड कम करने पर भी ध्यान देना होगा वरना मेक्सिको में सत्ता, पैसा और हिंसा की कहानी चलती रहेगी.

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