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WireCard Scandal क्या है ये घोटाला, जो दिग्गज जर्मन डिजिटल भुगतान कंपनी के पतन का कारण बना ?

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 05 Dec 2022, 05:54:19 PM
WireCard

एक समय जर्मनी की दिग्गज डिजिटल भुगतान कंपनी थी वायरकार्ड. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • शीर्ष दिनों में कंपनी का मूल्य 24 बिलियन यूरो से अधिक आंका गया
  • पूर्व सीओओ के रूसी खुफिया एजेंसियों और मिलिशिया से संबंध
  • इस फ्रॉड ने कई किताबों, कहानियों और फिल्मों को भी दिया जन्म

नई दिल्ली:  

जर्मनी (Germany) की डिजिटल भुगतान फर्म वायरकार्ड (WireCard) के नाटकीय पतन के दो साल से अधिक समय बाद इसके पूर्व सीईओ मार्कस ब्रौन और दो पूर्व प्रबंधकों पर धोखाधड़ी (Fraud) का मुकदमा चलेगा. धोखाधड़ी के इस मामले की तुलना 2000 के दशक की शुरुआत में अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एनरॉन (Enron) के एकाउंटिंग फ्रॉड से की जाती है, जो अंततः एनरॉन के पतन का कारण बना था. जर्मन फर्म वायरकार्ड घोटाले से जुड़ी कुछ प्रमुख बातों पर एक नजर डालते हैं...

पोर्न और जुआ के लिए ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया से शुरू सफर
1999 में म्यूनिख के पास स्थापित वायरकार्ड ने पोर्न और जुआ वेबसाइटों के लिए ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया शुरू की. इसके लिए लोगों में उत्साह से आ रहे धन के स्थिर प्रवाह ने इस कंपनी को डॉटकॉम बूम में तेजी से बढ़ने और फिर आए संकट से बचने में भी मदद की. 2002 से मार्कस ब्रौन के नेतृत्व में कंपनी ने जबर्दस्त तेजी के साथ विस्तार किया और अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ाते हुए बैंकिंग क्षेत्र से भी आ जुड़ी. इस विस्तार के लिए वायरकार्ड ने एशिया की तमाम छोटी डिजिटल भुगतान कंपनियों को कथित तौर पर खरीदा था.

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DAX इंडेक्स पर कॉमर्जबैंक को छोड़ा पीछे
2018 में वायरकार्ड ने पारंपरिक ऋणदाता कॉमर्जबैंक को ब्लू-चिप DAX इंडेक्स से बाहर कर दिया. इस घटनाक्रम ने तेजी से बढ़ते फिनटेक क्षेत्र में एक दुर्लभ जर्मन सफलता की कहानी के रूप में कंपनी की प्रतिष्ठा को मजबूत किया. अपने शीर्ष दिनों में कंपनी का मूल्य 24 बिलियन यूरो यानी लगभग 25 बिलियन डॉलर से अधिक आंका गया था, जो ड्यूश बैंक से भी अधिक था. हालांकि 2019 में फाइनेंशियल टाइम्स में लेखों की एक श्रृंखला ने वायरकार्ड की प्रतिष्ठा को गंभीर चोट पहुंचाई. फाइनेंशियल टाइम्स के ये लेख वायरकार्ड की एशिया में स्थित इकाइयों में अकाउंटिंग से जुड़ी अनियमितताओं पर केंद्रित थे.  2020 के जून में कंपनी ने ऑडिटर ईवाय के समक्ष स्वीकार किया कि फिलीपींस के दो एकाउंट्स में 1.9 बिलियन यूरो की नकदी की खबर झूठी है और वास्तव में ये एकाउंट्स अस्तित्व में ही नहीं है. इस स्वीकारक्ति के वायरकार्ड के शेयरों की कीमत में 99 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. DAX इंडेक्स में शामिल और बर्बाद हो जाने वाली यह पहली जर्मन कंपनी थी, जिसके बाद इसे डैक्स सूचकांक से भी तुरंत बाहर कर दिया गया.

धोखे का बड़ा गोरखधंधा
वायरकार्ड पर सहायक और भागीदार कंपनियों के एक जटिल तंत्र के जरिये संदिग्ध लेनदेन से कमाई का आरोप है. जर्मन अभियोजकों का कहना है कि ब्रौन और उनके सहायकों ने तथाकथित तीसरे पक्ष के अधिग्रहणकर्ताओं (टीपीए) के राजस्व को शामिल कर 2015-2018 के बीच गलत वित्तीय आंकड़े प्रस्तुत किए. इन लेनदेन के तहत वायरकार्ड को भारी भुगतान किया गया, जबकि संबंधित कंपनियों के पास इसका लाइसेंस ही नहीं था. अभियोजकों का कहना है कि दुबई, फिलीपींस और सिंगापुर में स्थित इन टीपीए कंपनियों से मिला राजस्व वास्तव में अस्तित्व में नहीं था. फाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी जांच में पाया कि वायरकार्ड के राजस्व और उसके मुनाफे का लगभग आधा हिस्सा टीपीए फर्मों से दिखाया गया. ऐसी ही एक फर्म का पता जांच में एक घर निकला. एक अन्य मनीला की बस कंपनी थी. एफटी पत्रकार डैन मैकक्रम ने नेटफ्लिक्स की एक डॉक्यूमेंट्री में कहा, 'कंपनी में कुछ भी वास्तविक नहीं है. यह सिर्फ एक अविश्वसनीय झांसा है.'

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जर्मन नीति निर्धारक संस्थाओं ने बंद रखी अपनी आंखें
वायरकार्ड के रहस्योद्घाटन से जर्मनी की बाजार नियामक संस्था बाफिन की तीखी आलोचना हुई. बाफिन को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा गया कि पत्रकारों और शॉर्टसेलर्स द्वारा बार-बार संदेह जताने के बावजूद वह वायरकार्ड की चालबाजी को पकड़ने में विफल रही. सच तो यह है कि फाइनेंशियन टाइम्स में वायरकार्ड को पोल खोलते लेखों से वायरकार्ड के स्टॉक मूल्य पर कहर बरपा, तो बाफिन ने प्रतिक्रियास्वरूप शॉर्टिंग पर अस्थायी प्रतिबंध भर लगाया. वॉचडॉग ने बाजार में हेरफेर का आरोप लगाते हुए एफटी के दो पत्रकारों के खिलाफ आपराधिक शिकायतें भी दर्ज कराईं. हालांकि वायरकार्ड के पतन के बाद ये आपराधिक शिकायतें रद्द कर दी गईं, फ्रैंकफुर्त के सेंटर फॉर फाइनेंशियल स्टडीज के प्रोफेसर वोल्कर ब्रुहेल के मुताबिक तमाम लोग यह मानने को ही तैयार नहीं थे कि वायरकार्ड में असल में जालसाज काम कर रहे हैं. वायरकार्ड का फ्रॉड सामने आने पर बाफिन में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए. बाफिन को नया प्रमुख देते हुए उसे कई सख्त अधिकार दिए गए. वायरकार्ड के ऑडीटर ईवाय की भी जांच हुई और लगभग एक दशक तक उसका लाइसेंस रद्द रहा. अब ईवाय को वायरकार्ड शेयरधारकों से कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है.

कल्पित कथा से भी अजीब सच
वायरकार्ड घोटाला तमाम लेखों, किताबों, डॉक्यूमेंट्री और फिल्म की प्रेरणा भी बना. लोकप्रिय जर्मन अभिनेता क्रिस्टोफ मारिया हर्बस्ट ने ऐसी ही एक फिल्म में ब्रौन का किरदार निभाया. ब्रौन डिजिटल भुगतान कंपनी का एक ऐसा बॉस था, जिसे काला टर्टलनेक कोट पहनना पसंद था. नेटफ्लिक्स ने इस पूरे घोटाले पर  'स्कैंडल! ब्रिंगिंग डाउन वायरकार्ड' नाम से एक डॉक्यूमंट्री बनाई. पत्रकार मैक्क्रम ने इसे कहानी की शक्ल दी, जिसे पढ़ घोटाले की टिप देने वाले कंपनी के ही एक कर्मचारी ने मैक्क्रम को कई गुप्त दस्तावेज दिए, जिसने वायरकार्ड को गोरखधंधे को गहराई के साथ लोगों के सामने पेश किया. वायरकार्ड का पूर्व सीओओ जैन मार्सालेक अभी भी फरार है. यानी वायरकार्ड की जड़ कर देने वाली धोखाधड़ी की पटकथा का एक बड़ा हिस्सा अभी भी सामने नहीं आया है. हालांकि ब्रौन ने खुद को एक पीड़ित बताते हुए कंपनी में अपने साथी ऑस्ट्रियाई मार्सालेक को धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड बताया है. रूसी खुफिया एजेंसियों से संबंध और लीबिया मिलिशिया को इकट्ठा करने के लिए बोली लगने वाला पार्टी-प्रेमी मार्सालेक आज भी रहस्यमय बना हुआ है.

First Published : 05 Dec 2022, 05:52:56 PM

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