Explainer: क्या फिर से होगी 1979 जैसी क्रांति? अब तक ईरान में 5 हजार लोगों की जा चुकी है जान

Iran Protest News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर सीधा हमला बोला है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान में अब नए नेतृत्व का समय आ गया है.

Iran Protest News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर सीधा हमला बोला है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान में अब नए नेतृत्व का समय आ गया है.

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Yashodhan Sharma
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Khamnei and Trump

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Explainer: ईरान इन दिनों बड़े राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है. देशभर में सरकार के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. अब इन प्रदर्शनों को लेकर द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक एक बड़े ईरानी अधिकारी ने चौंकाने वाला दावा किया है. अधिकारी का कहना है कि अब तक हुए प्रदर्शनों में करीब 5 हजार लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें लगभग 500 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. सबसे ज्यादा हिंसा उत्तर-पश्चिमी ईरान के कुर्द बहुल इलाकों में देखने को मिली है, जहां पहले भी कई बार तनाव और झड़पें होती रही हैं.

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सरकार का कहना है कि मौतों के लिए 'आतंकी और हथियारबंद उपद्रवी' जिम्मेदार हैं. साथ ही यह भी दावा किया गया है कि अब मरने वालों की संख्या ज्यादा बढ़ने की संभावना नहीं है.

विदेशी साजिश का आरोप

ईरानी सरकार इन प्रदर्शनों के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ बता रही है. आरोप है कि इजरायल और कुछ विदेशी हथियारबंद संगठन प्रदर्शनकारियों को समर्थन और हथियार दे रहे हैं. ईरान पहले भी अपने देश में होने वाले आंदोलनों के लिए बाहरी देशों को जिम्मेदार ठहराता रहा है.

ट्रंप का बड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर सीधा हमला बोला है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान में अब नए नेतृत्व का समय आ गया है. उनका आरोप है कि खामेनेई के लंबे शासन में देश बर्बादी की ओर चला गया और सत्ता बचाने के लिए हिंसा का सहारा लिया जा रहा है.

1979 की याद क्यों आ रही है?

ईरान का इतिहास भी इस वक्त चर्चा में है. 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद कट्टरपंथी सत्ता में आए थे. उसी दौर में अमेरिकी दूतावास बंधक संकट हुआ, जब अमेरिकी राजनयिकों को एक साल से ज्यादा समय तक बंधक बनाया गया था. इस घटना ने अमेरिका-ईरान रिश्तों को हमेशा के लिए खराब कर दिया.

क्या इतिहास खुद को दोहराने वाला है?

आज ईरान के सैकड़ों शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं. लोग मौजूदा शासन से नाराज हैं, लेकिन यह साफ नहीं है कि वे किस तरह का विकल्प चाहते हैं.
कुछ लोग शाह के वंशज रेजा पहलवी के समर्थन में नारे लगा रहे हैं, तो कुछ सिर्फ मौजूदा व्यवस्था से छुटकारा चाहते हैं.

रेजा पहलवी की भूमिका

निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने ईरानियों से विरोध तेज करने की अपील की है. उनका कहना है कि वे ईरान को धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र बनाना चाहते हैं और इसके लिए जनमत संग्रह कराया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा है कि सही समय आने पर वे ईरान लौटेंगे. कुल मिलाकर, ईरान इस वक्त एक बड़े मोड़ पर खड़ा है. एक तरफ सरकार है, जो विरोध को विदेशी साजिश बता रही है. दूसरी तरफ जनता का गुस्सा है, जो सड़कों पर दिखाई दे रहा है. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ईरान में सिर्फ विरोध थमेगा या फिर इतिहास खुद को दोहराएगा.

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iran Ayatollah Ali Khamenei
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