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Explainer: वेनेजुएला में अमेरिका के दखल के बाद अब सबके जहन में एक ही सवाल है कि क्या वेनेजुएला का तेल का खेल अमेरिका के हाथ में आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही से वेनेजुएला में अपनी रुचि दिखा चुके हैं. भले ही अमेरिका वेनेजुएला के एक्शन को लोकतंत्र की रक्षा या फिर राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे हवाले दे रहो हो लेकिन अलोचनकों की मानें तो ये सारा मामला वेनेजुएला के तेल को लेकर ही जुड़ा है. वेनेजुएला में हालात लगातार बिगड़ रहे थे. महंगाई ने भी रिकॉर्ड बना लिया था.
इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि वहां पर महंगाई दर 500 फीसदी तक पहुंच गई थी. आखिर दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल भंडार होने के बाद भी वेनेजुएला में इतनी महंगाई दर क्यों बढ़ गई. देश कंगाली की दहलीज पर कैसे पहुंच गया.
ये अपने आप में ही सवाल है और इसके कई तर्क भी हैं. लेकिन सबसे बड़ा सवाल दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार का अब अमेरिका को कितना फायदा होगा. क्या अमेरिका के साथ-साथ वेनेजुएला के भी दिन बदलेंगे. इन सब सवालों के जवाब आइए इस लेख के जरिए जानते हैं.
क्यों अहम है वेनेजुएला का तेल?
वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल भंडार वाले देशों में शामिल है. ऑर्गनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज (OPEC) के मुताबिक, उसके पास सऊदी अरब से भी अधिक प्रमाणित तेल भंडार हैं. इसके बावजूद बीते एक दशक से वेनेजुएला आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण अपने तेल उत्पादन और निर्यात को पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाया.
अमेरिका ने 2019 में वेनेजुएला की सरकार पर कड़े आर्थिक और तेल संबंधी प्रतिबंध लगाए थे. इसका मकसद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाना था. लेकिन अब वैश्विक ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक हालात ने अमेरिका को अपनी रणनीति पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर किया है.
अमेरिका को वेनेजुएला के तेल की जरूरत क्यों?
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ गई. रूस पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ीं. अमेरिका, जो दुनिया का सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है, को अपने घरेलू बाजार में कीमतें नियंत्रित रखने के लिए वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करनी पड़ी.
वेनेजुएला का तेल खास तौर पर अमेरिका के लिए उपयोगी है क्योंकि उसका भारी (हेवी) कच्चा तेल अमेरिकी रिफाइनरियों, खासकर गल्फ कोस्ट क्षेत्र, के लिए उपयुक्त माना जाता है. पहले भी अमेरिका वेनेजुएला से बड़े पैमाने पर तेल आयात करता रहा है.
प्रतिबंधों में ढील से अमेरिका को क्या फायदा
अगर वेनेजुएला के तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी जाती है या सीमित स्तर पर आयात की अनुमति मिलती है, तो अमेरिका को कई तरह के फायदे हो सकते हैं.
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क्या अमेरिका को तुरंत बड़ा फायदा मिलेगा?
हालांकि फायदे की उम्मीद के बावजूद यह समझना जरूरी है कि वेनेजुएला का तेल उत्पादन तुरंत पुराने स्तर पर नहीं पहुंच सकता. सालों की आर्थिक बदहाली, तकनीकी कमी और निवेश की कमी के कारण वहां का इंफ्रास्ट्रक्चर कमजोर हो चुका है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आज प्रतिबंध पूरी तरह हट भी जाएं, तो वेनेजुएला को उत्पादन बढ़ाने में महीनों या सालों लग सकते हैं। इसलिए अमेरिका को मिलने वाला फायदा धीरे-धीरे सामने आएगा, न कि तुरंत.
राजनीतिक और कूटनीतिक गणित
अमेरिका के लिए वेनेजुएला के तेल से जुड़ा फैसला सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि राजनीतिक भी है. मादुरो सरकार को राहत देना अमेरिका के मानवाधिकार और लोकतंत्र से जुड़े पुराने रुख के खिलाफ माना जा सकता है. यही वजह है कि वॉशिंगटन अब तक 'सीमित और सशर्त' छूट की नीति अपनाता रहा है.
अमेरिका यह संकेत देना चाहता है कि अगर वेनेजुएला सरकार चुनाव और लोकतांत्रिक सुधारों की दिशा में कदम उठाती है, तभी उसे ज्यादा राहत मिल सकती है.
वेनेजुएला को बदले में क्या मिलेगा?
इस समीकरण में फायदा सिर्फ अमेरिका को ही नहीं होगा. तेल निर्यात बढ़ने से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को जीवनदान मिल सकता है. विदेशी मुद्रा आएगी, सरकारी राजस्व बढ़ेगा और सामाजिक खर्च के लिए संसाधन मिल सकते हैं. हालांकि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार इस आमदनी का इस्तेमाल कैसे करती है.
फायदा सीमित लेकिन रणनीतिक
कुल मिलाकर, वेनेजुएला के तेल से अमेरिका को बड़ा लेकिन धीरे-धीरे मिलने वाला फायदा हो सकता है. यह न तो अमेरिकी ऊर्जा संकट का जादुई समाधान है और न ही कीमतों को रातोंरात नीचे लाने का तरीका. लेकिन रणनीतिक रूप से यह अमेरिका को ऊर्जा आपूर्ति के विकल्प बढ़ाने, कीमतों को स्थिर रखने और वैश्विक तेल बाजार में संतुलन बनाने में मदद कर सकता है.
आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि ऊर्जा जरूरतों और राजनीतिक सिद्धांतों के बीच अमेरिका किस तरह संतुलन बनाता है.
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