Explainer: वेनेजुएला के बाद ट्रंप की पांच और देशों पर नजर! जानिए कहां-कहां बढ़ सकता है अमेरिका का सैन्य दखल

Explainer: वेनेजुएला के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर ग्रीनलैंड, कोलंबिया, क्यूबा, मेक्सिको और ईरान पर है. जानिए इन देशों को लेकर ट्रंप की क्या रणनीति है.

Explainer: वेनेजुएला के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर ग्रीनलैंड, कोलंबिया, क्यूबा, मेक्सिको और ईरान पर है. जानिए इन देशों को लेकर ट्रंप की क्या रणनीति है.

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Yashodhan Sharma
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Trump will captured 5 countries

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Explainer: वेनेजुएला के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर अब दुनिया के पांच और देशों पर बताई जा रही है. हाल के बयानों और संकेतों से साफ है कि ट्रंप प्रशासन इन देशों को लेकर सख्त रुख अपनाने के मूड में है. अगर आने वाले समय में अमेरिकी सेना इन देशों में दखल देती है, तो यह किसी के लिए हैरानी की बात नहीं होगी. आइए एक-एक कर समझते हैं कैसे?

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ग्रीनलैंड पर है नजर

सबसे पहले बात ग्रीनलैंड की. वेनेजुएला पर कार्रवाई से पहले ही ट्रंप ग्रीनलैंड को अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी बता चुके हैं. 22 दिसंबर 2025 को उन्होंने साफ कहा था कि ग्रीनलैंड को अमेरिका के नियंत्रण में आना ही चाहिए. इसके बाद ट्रंप प्रशासन से जुड़े करीबी नेताओं की सोशल मीडिया पोस्ट ने इस मुद्दे को और हवा दी. हालांकि ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है और वहां सैन्य दखल आसान नहीं है, लेकिन ट्रंप के बयान बताते हैं कि अमेरिका इस दिशा में गंभीर है.

कोलंबिया भी निशाने पर

ग्रीनलैंड के अलावा ट्रंप के निशाने पर कोलंबिया भी है. उन्होंने कोलंबिया और वेनेजुएला को ड्रग्स की समस्या से जोड़ते हुए कड़ा बयान दिया है. ट्रंप का कहना है कि ड्रग्स तस्करी अमेरिका के लिए बड़ा खतरा है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसे में कोलंबिया पर अमेरिकी दबाव बढ़ सकता है.

क्यूबा को भी मिल चुकी है चेतावनी

तीसरा नाम क्यूबा का है. ट्रंप पहले ही क्यूबा को चेतावनी दे चुके हैं. उनका कहना है कि वेनेजुएला से मिलने वाले तेल पर क्यूबा की अर्थव्यवस्था टिकी थी, जो अब कमजोर हो चुकी है. ट्रंप का इशारा है कि क्यूबा खुद ही टूट सकता है, लेकिन जरूरत पड़ी तो अमेरिका सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा.

मैक्सिको पर कार्रवाई का डर

चौथा देश मेक्सिको है. ड्रग्स कार्टेल को लेकर ट्रंप पहले भी कई बार मेक्सिको को चेतावनी दे चुके हैं. उनका कहना है कि अगर मेक्सिको से अमेरिका में नशे की तस्करी जारी रही, तो वॉशिंगटन सीधे कार्रवाई कर सकता है.

ईरान भी चर्चा में

पांचवां और सबसे संवेदनशील नाम ईरान का है. ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर ट्रंप प्रशासन करीबी नजर बनाए हुए है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान की सरकार प्रदर्शनकारियों पर घातक हथियारों का इस्तेमाल करती है, तो अमेरिका जवाब देगा. अगर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव बढ़ता है, तो यह सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं रहेगी, बल्कि वैश्विक तनाव का कारण बन सकती है.

अमेरिकी विदेश नीति हो सकती है आक्रमक

कुल मिलाकर, ट्रंप के हालिया बयानों से साफ है कि वेनेजुएला के बाद अमेरिका की विदेश नीति और ज्यादा आक्रामक हो सकती है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है.

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