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सांकेतिक तस्वीर
Explainer: ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ जनता का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. लोग उनकी नीतियों, सख्ती और मानवाधिकार उल्लंघनों का खुलकर विरोध कर रहे हैं. इस विरोध में महिलाएं सबसे आगे दिखाई दे रही हैं. सरकार ने इस विरोध को दबाने के लिए बेहद कठोर कदम उठाए हैं और प्रदर्शनकारियों को 'ईश्वर का दुश्मन' बताकर मौत की कड़ी से कड़ी सजा देने का ऐलान किया है. खामनेई सरकार की ओर से दी जाने वाली इन सजाओं में फांसी से लेकर हाथ-पैर काटे जाने जैसी कठोर सजा भी शामिल हैं. ऐसे में सवाल ये उठता है कि किन-किन अपराधों में दी जाती है सजा-ए-मौत.
क्रेन से दी जाती है फांसी
ईरान में शरिया कानून के तहत सबसे डरावनी सजा मानी जाती है क्रेन से फांसी. इसमें अपराधी को किसी शहर या चौराहे पर क्रेन से लटका दिया जाता है. यह जेल में होने वाली फांसी से अलग होती है, क्योंकि इसमें गर्दन तुरंत नहीं टूटती. अपराधी कई मिनट तक तड़पता रहता है और बेहद दर्दनाक मौत होती है. यह सब लोगों के सामने किया जाता है ताकि डर का माहौल बनाया जा सके.
ये होते हैं अपराध
यह सजा आमतौर पर उन लोगों को दी जाती है जिन पर 'मोहारेबेह' यानी ईश्वर के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप होता है. 2022 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान 23 साल के मजीदरेजा रहनवारद को इसी तरह फांसी दी गई थी. हैरानी की बात यह है कि इन फांसियों को देखने के लिए बच्चों और युवाओं को भी बुलाया जाता है.
पत्थर मार-मारकर मौत
ईरान में व्यभिचार (अवैध संबंध) के आरोप में पत्थर मारकर मौत की सजा दी जाती है. आरोपी पुरुष को कमर तक और महिला को सीने तक जमीन में गाड़ दिया जाता है. फिर भीड़ छोटे-छोटे पत्थरों से तब तक मारती है, जब तक उसकी मौत नहीं हो जाती.
अंग काटने की सजा
चोरी जैसे अपराधों में हाथ या उंगलियां काट दी जाती हैं. कुछ मामलों में दाहिना हाथ और बायां पैर काटने की सजा दी जाती है, ताकि अपराधी को जिंदगी भर सजा याद रहे.
आंख निकालने का प्रावधान
ईरान में ‘किसास’ कानून के तहत बदले में वही सजा दी जाती है. अगर किसी ने किसी की आंख खराब की है, तो डॉक्टरों की मौजूदगी में अपराधी की आंख में केमिकल डालकर उसे अंधा किया जाता है.
महिलाओं के लिए सजा
महिलाओं को बिना हिजाब, शराब पीने या नैतिक नियम तोड़ने पर 70 से 100 कोड़े लगाए जाते हैं. कई बार इससे उनकी पीठ की खाल तक उधड़ जाती है. यह सजा उन्हें समाज में अपमानित करने का भी जरिया है.
भारत में सजा-ए-मौत का कानून
ईरान की तुलना में भारत की बात करें तो यहां भी कुछ गंभीर अपराधों के लिए मौत की सजा का प्रावधान है. जैसे—बार-बार दुष्कर्म, नाबालिग से रेप, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ना, झूठे सबूत देकर किसी को फांसी दिलवाना, बच्चों को आत्महत्या के लिए उकसाना या डकैती के दौरान हत्या करना. हालांकि भारत में मौत की सजा 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर” मामलों में ही दी जाती है.
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