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गगनयान लॉन्च करने की डेट आई सामने, जानें ISRO कब करेगा यह कारनामा

आपको जानकर खुशी मिलेगी कि भारत अब गगनयान लॉचिंग में देश के टॅाप 4 देशों की सूची में आना वाला है .आपको बता दें कि भारत का पहला अंतरिक्ष मिशन गगनयान 2023 में लॉन्च किया जाएगा.

News Nation Bureau | Edited By : Sunder Singh | Updated on: 11 Dec 2021, 05:40:45 PM
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सांकेतिक तस्वीर (Photo Credit: News Nation)

highlights

  • गगनयान लॉन्च के बाद भारत US, रूस और चीन के बाद बनेगा दुनिया का चौथा देश
  • राज्यसभा में प्रौद्योगिकी मंत्री ने बताई लांचिंग की डेट 
  • कोरोना प्रतिबंधों के कारण विलंभ से हुआ काम पूरा 

नई दिल्ली :  

आपको जानकर खुशी मिलेगी कि भारत अब गगनयान लॉचिंग में देश के टॅाप 4 देशों की सूची में आना वाला है .आपको बता दें कि भारत का पहला अंतरिक्ष मिशन गगनयान 2023 में लॉन्च किया जाएगा. इसकी जानकारी स्वयं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा से शीतकालीन सत्र के दौरान दी. यही नहीं उन्होने बताया  कि लांचिंग के बाद भारत भी तकनीकि क्षेत्र में दुनिया के अग्रिणी देशों में शामिल हो जाएगा. उन्होने बताया कि 2022 के अंत में इसरो द्वारा विकसित अंतरिक्ष यात्री मानव-रोबोट" व्योमित्र " मिशन भेजा जाएगा और 2023 के अंत में पहला गगनयान मिशन पूरा किया जाएगा. इसके तुरंत बाद लॉचिंग का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.

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कोरोनाकाल का दिया हवाला 
राज्यसभा में केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने बताया कि मिशन के कामकाज पर कोरोना महामारी के प्रभाव को देखते हुए थोड़ी देरी हुई है.  लेकिन अब 2023 तक मिशन को प्राप्त करने की तैयारी जोरों पर है. उन्होंने कहा कि गगनयान कार्यक्रम का उद्देश्य एक भारतीय प्रक्षेपण यान पर मनुष्यों को पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में भेजने और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने की क्षमता प्रदर्शित करना है. इससे भारत का भाल दुनिया और ऊंचा हो जाएगा.

बताया गया कि स्पेससूट, क्रू सीट और व्यूपोर्ट जल्द ही रूस से वितरित किए जाएंगे क्योंकि माइक्रोग्रैविटी प्रयोगों के विकास से संबंधित गतिविधियां शुरू हो गई हैं. मंत्री ने राज्यसभा में कहा कि चार भारतीय वायु सेना के अधिकारियों का प्रशिक्षण पहले ही भारत और रूस दोनों में एक महत्वपूर्ण चरण में शुरू किया जा चुका है. केंद्र सरकार बेंगलुरु में अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण सुविधा स्थापित कर रही है, जिसके जल्द पूरा होने की संभावना है. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि सभी तैयारी हमारे वैज्ञानिक पूरी लगन और मेहनत से  कर रहे हैं. जिसके बाद कहा जा सकता है कि 2013 में लॅाचिंग डेड भी देश के साथ साझा कर दी जाएगी.

First Published : 11 Dec 2021, 05:33:31 PM

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