क्या वाकई आपकी Whatsapp चैट्स को पढ़ सकते हैं मेटा के कर्मचारी? दुनिया भर के यूजर्स ने लगाए गंभीर आरोप

मेटा पर WhatsApp की प्राइवेसी और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को लेकर झूठे दावे करने का आरोप लगा है. अंतरराष्ट्रीय यूजर्स के एक ग्रुप ने अमेरिका की अदालत में मुकदमा दायर किया है. Meta ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है. हालांकि, ये मेटा के लिए इतना आसान नहीं होने वाला है.

मेटा पर WhatsApp की प्राइवेसी और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को लेकर झूठे दावे करने का आरोप लगा है. अंतरराष्ट्रीय यूजर्स के एक ग्रुप ने अमेरिका की अदालत में मुकदमा दायर किया है. Meta ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है. हालांकि, ये मेटा के लिए इतना आसान नहीं होने वाला है.

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Ravi Prashant
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व्हाट्सएप Photograph: (Freepik)

मेटा और उसकी मैसेजिंग सर्विस WhatsApp एक बड़ी कानूनी मुश्किल में फंस गए हैं. Bloomberg की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के कई देशों के यूजर्स ने मिलकर अमेरिका की एक अदालत में कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराया है. यूजर्स का आरोप है कि WhatsApp अपनी प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर जो दावे करता है, वे पूरी तरह सच नहीं हैं.

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एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पर उठे सवाल

WhatsApp हमेशा से यह कहता आया है कि उसके प्लेटफॉर्म पर होने वाली सभी चैट्स 'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड' होती हैं. इसका मतलब है कि मैसेज भेजने वाले और उसे पाने वाले के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति, यहां तक कि खुद कंपनी भी उसे नहीं पढ़ सकती. लेकिन इस नए मुकदमे में दावा किया गया है कि कंपनी के ये दावे लोगों को गुमराह करने वाले हैं.

यूजर्स ने लगाए गंभीर आरोप

केस दर्ज करने वाले वादियों का कहना है कि मेटा और WhatsApp यूजर्स की निजी बातचीत को न सिर्फ स्टोर करते हैं, बल्कि उनका एनालिसिस भी करते हैं. उनका आरोप यह भी है कि कंपनी के कुछ कर्मचारियों के पास इन मैसेज तक पहुंचने की सुविधा हो सकती है. इस मुकदमे में ऑस्ट्रेलिया, भारत, ब्राजील, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के यूजर्स शामिल हैं, जो इसे एक 'क्लास-एक्शन' सूट यानी बड़े स्तर का सामूहिक मुकदमा बनाना चाहते हैं.

Meta ने आरोपों को बताया गलत

दूसरी तरफ Meta ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. कंपनी के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने कहा कि यह मुकदमा पूरी तरह से निराधार है. उनका कहना है कि WhatsApp पिछले 10 सालों से मैसेज सुरक्षित रखने के लिए 'सिग्नल प्रोटोकॉल' का इस्तेमाल कर रहा है. कंपनी के मुताबिक यह कहना बेतुका है कि उनके मैसेज एन्क्रिप्टेड नहीं हैं.

व्हिसलब्लोअर्स का हाथ आ रहा है सामने

इस मुकदमे में कुछ गुप्त जानकारी देने वाले लोगों यानी 'व्हिसलब्लोअर्स' का भी जिक्र किया गया है, हालांकि उनकी पहचान अभी गुप्त रखी गई है. मेटा ने साफ कर दिया है कि वह इस केस को खत्म करवाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगा और केस करने वाले वकीलों पर कार्रवाई की मांग भी करेगा. फिलहाल इस मामले ने डेटा प्राइवेसी को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. 

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