Yashoda Jayanti 2026: 6 या 7 फरवरी, कब है यशोदा जयंती? नोट कर लें तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

Yashoda Jayanti 2026: हिंदू धर्म में यशोदा जयंती का विशेष महत्व होता है. इस दिन विधि-विधान से माता यशोदा और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है. चलिए हम आपको बताते हैं इस साल यशोदा जयंती कब मनाई जाएगी इसका शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व के बारे में.

Yashoda Jayanti 2026: हिंदू धर्म में यशोदा जयंती का विशेष महत्व होता है. इस दिन विधि-विधान से माता यशोदा और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है. चलिए हम आपको बताते हैं इस साल यशोदा जयंती कब मनाई जाएगी इसका शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व के बारे में.

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Akansha Thakur
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Yashoda Jayanti 2026

Yashoda Jayanti 2026

Yashoda Jayanti 2026: जब भी मां और बेटे के प्रेम की बात की जाती है तो लोगों के मुंह पर मां यशोदा और श्रीकृष्ण का नाम सबसे पहले आता है. हिंदू धर्म में माता यशोदा के बिना भगवान श्रीकृष्ण की कथा कभी पूरी नहीं होती है. पौराणिक परंपरा के अनुसार, हर साल फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष कि तिथि के दिन यशोदा जयंती मनाई जाती है.

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ये पर्व मां की ममता को समर्पित होता है जो माता यशोदा के जन्मदिवस पर मनाया जाता है. भले ही श्रीकृष्ण का जन्म मां देवकी के गर्भ से हुआ हो लेकिन संसार उनको यशोदा के लाल के रूप में ही जाना जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल यशोदा जयंती कब मनाई जाएगी साथ ही जानते हैं इसका शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व के बारे में. 

यशोदा जयंती 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त 

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन कृष्ण षष्ठी तिथि की शुरुआत 7 फरवरी की रात 01 बजकर 18 मिनट पर हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन 08 फरवरी को रात 02 बजकर 54 मिनट पर होगा. सनातन धर्म में उदयातिथि मानी जाती है. ऐसे में उदयातिथि के नियम के अनुसाार, साल 2026 में यशोदा जयंती 07 फरवरी को मनाई जाएगी. 

यशोदा जयंती 2026 पूजा विधि 

यशोदा जयंती पर सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद माता यशोदा के व्रत का संकल्प लें. फिर घर के मंदिर या पवित्र स्थान पर चौकी लगाकर उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं. उस पर माता यशोदा के साथ बाल श्रीकृष्ण की मूर्ति रखें. पूजा के दौरान अगरबत्ती, दीपक, फूल, चंदन, हल्दी, कुमकुम और नारियल चढ़ाएं. माता यशोदा को लाल चुनरी चढ़ाएं. भगवान श्रीकृष्ण और माता यशोदा को माखन का भोग लगाएं. साथ ही फल, दही, खीर और मिठाइयां चढ़ाएं. ॐ कृष्णाय नम: मंत्र का जाप करें. 

यशोदा जयंती 2026 महत्व 

यशोदा जयंती का व्रत रखने से महिलाओं को श्रीकृष्ण जैसी गुणी संतान मिलती है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, यशोदा जयंती के दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से संतान की प्राप्ति होती है. इतना ही नहीं संतान के जीवन में सुख-सौभाग्य भी बढ़ता है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यूज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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