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Mauni Amavasya 2026
Mauni Amavasya 2026: माघ महीने की अमावस्या को मौनी अमावस्या के रूप में खास माना जाता है. साल 2026 में यह त्योहार 18 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा, पंचांग के अनुसार, इसका समय 18 जनवरी की रात 12 बजकर 03 मिनट से शुरू होकर 19 जनवरी की रात 01 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. यह दिन सिर्फ तिथि नहीं है बल्कि इसे साधना का अवसर माना जाता है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किया गया मौन व्रत मन को शांत रखने में मदद करता है. साथ ही व्यक्ति को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर मौनी अमावस्या पर मौन टूट जाए तो क्या होगा? चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं इसके बारे में.
क्या है मौन व्रत का अर्थ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौन व्रत का मतलब केवल बोलना बंद करना नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य विचारों को शांत करना है. माना जाता है कि जब मन शांत होता है, तब आत्म-निरीक्षण आसान हो जाता है. इससे एकाग्रता बढ़ती है और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है.
व्रत टूट जाए तो क्या होता है?
धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि किसी कारण से मौन टूट जाए, तो तुरंत कोई भारी दोष नहीं लगता. यह एक संकेत माना जाता है कि व्यक्ति को अपने व्यवहार और सोच पर फिर से ध्यान देना चाहिए. इससे मन की स्थिरता दोबारा पाने में मदद मिलती है. मौन व्रत के साथ दान, पवित्र स्नान और पूजा को भी जरूरी बताया गया है. ऐसा करने से व्रत का फल अधिक मिलता है. इससे मन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
जीवन में संतुलन का संदेश
मौनी अमावस्या का मुख्य संदेश संतुलन है. यह दिन सिखाता है कि शब्दों के साथ-साथ विचारों पर भी नियंत्रण जरूरी है. माना जाता है कि इस अभ्यास से जीवन में शांति और स्थिरता आती है.
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