Shukra Pradosh Vrat 2026: शुक्र प्रदोष व्रत आज, नोट कर लें भगवना शिव की पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Shukra Pradosh Vrat 2026: आज यानी 16 जनवरी 2026 को शुक्र प्रदोष व्रत है. ऐसे में चलिए हम आपको इस आर्टिकल में बताते हैं कि शिव की पूजा-उपासना के लिए सबसे खास मुहूर्त कौन सा माना जा रहा है.

Shukra Pradosh Vrat 2026: आज यानी 16 जनवरी 2026 को शुक्र प्रदोष व्रत है. ऐसे में चलिए हम आपको इस आर्टिकल में बताते हैं कि शिव की पूजा-उपासना के लिए सबसे खास मुहूर्त कौन सा माना जा रहा है.

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Akansha Thakur
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Shukra Pradosh Vrat 2026

Shukra Pradosh Vrat 2026

Shukra Pradosh Vrat 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए शुभ माना जाता है. ऐसे में आज यानी 16 जनवरी 2026 को शुक्र प्रदोष व्रत रखा जा रहा है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की मन से पूजा करने से जीवन की सारी परेशानियां दूर हो जाती है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. खास बात यह है कि जब प्रदोष व्रत शुक्रवार को पड़ता है तो इसका फल और भी अधिक शुभ माना जाता है. तो आइए जानते हैं कि शुक्र प्रदोष व्रत पर आज भगवान शिव के पूजन के लिए कौन सा मुहूर्त शुभ होगा. 

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भगवना शिव की पूजा का शुभ मुहूर्त 

हिंदू पंचाग के अनुसार, शुक्र प्रदोष व्रत की त्रयोदशी तिथि 15 जनवरी यानी कल 08 बजकर 16 मिनट पर शुरू हो चुकी है और तिथि का समापन आज यानी 16 जनवरी रात 10 बजकर 21 मिनट पर होगा. प्रदोष पूजा मुहूर्त आज शाम 05 बजकर 47 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 29 मिनट तक रहेगा जो कि भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे शुभ मुहूर्त माना जा  रहा है. 

शुक्र प्रदोष व्रत 2026 पूजा विधि 

आज शुक्र प्रदोष व्रत पर आप सबसे पहले सुबह उठकर स्नना करें फिर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें. दिनभर सादा भोजन खाएं. शाम के समय सूर्यास्त से पहले घर के पूजा स्थान की साफ-सफाई कर लें. इसके बाद प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें क्योंकि यही समय शिव अराधना के लिए सबसे शुभ माना जाता है. पूजा के दौरान शिवलिंग पर जल, दूध. दही, घी और गंगाजल से अभिषेक करें. फिर बेलपत्र, सफेद फूल और अक्षत अर्पित करें. दीपक और धूर जलाकर श्रद्धा के साथ ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करें और प्रदोष व्रत की कथा जरूर सुनें. 

शुक्र प्रदोष व्रत 2026 महत्व 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुक्र प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती के साथ ही देव लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है. शुक्र प्रदोष व्रत सौंदर्य, भोग और वैवाहिक सुख की प्राप्ति के लिए किया जाता है. यह व्रत महिलाओं के लिए सबसे खास माना जाता है. शुक्र प्रदोष व्रत करने से वैवाहिक जीवन सुखमय हो जाता है और घर में देवी लक्ष्मी का वास होता है. 

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