Sankashti Chaturthi 2026: संकष्टी चतुर्थी पर बस कर लें ये 1 खास काम, जीवन की सारी बाधाओं से मिल जाएगी मुक्ति

Sankashti Chaturthi 2026: संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक मासिक व्रत जिसे करने से जीवन में तमाम बाधाओं का नाश होता है. इस साल संकष्टी चतुर्थी कब है. चलिए जानते हैं इस दिन का खास महत्व.

Sankashti Chaturthi 2026: संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक मासिक व्रत जिसे करने से जीवन में तमाम बाधाओं का नाश होता है. इस साल संकष्टी चतुर्थी कब है. चलिए जानते हैं इस दिन का खास महत्व.

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Akansha Thakur
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Sankashti Chaturthi 2026

Sankashti Chaturthi 2026

Sankashti Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व होता है. इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है.  संकष्टी चतुर्थी को संकट हरा चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से तमाम तरह के बाधा दूर होने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाते हैं.

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प्रत्येक चंद्र माह के कृष्ण पक्ष के चौथे दिन यानी चतुर्थी को मनाया जाने वाला यह शुभ दिन उन भक्तों के लिए जरूरी है जो समृद्धि, सफलता और जीवन से बाधाओं को दूर करने के लिए आशीर्वाद की इच्छा रखते हैं. चलिए आपको संकष्टी चतुर्थी की तिथि और इस 1 काम के बारे में विस्तार से बताते हैं. 

संकष्टी चतुर्थी 2026 तिथि (Sankashti Chaturthi 2026 Date) 

संकष्टी चतुर्थी का व्रत 05 फरवरी 2026 को रखा जाएगा. पंचांग के मुताबिक, फाल्गुन माह की चतुर्थी तिथि 05 फरवरी की रात 12 बजकर 09 मिनट से शुरू होकर अगले दिन यानी 06 फरवरी की रात 12 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगी. 

संकष्टी चतुर्थी 2026 धार्मिक महत्व 

संकष्टी चतुर्थी के दिन लोग भगवान गणेश की पूजा करने के साथ उपवास और ध्यान करते हैं जो उन्हें अपनी भावनाओं और नकारात्मक विचारों से मुक्ति दिलाने में मदद करता है. यह खास दिन मन को तरोताजा करता है ताकि वे जीवन में ज्यादा रचनात्मकता के बारे में जान करें. इस दिन व्रत करने से न केवल भोजन को छोड़ना होता है बल्कि यह सीमित विचारों से मुक्ति पाने का भी सुनहरा अवसर है. 

संकष्टी चतुर्थी पर कर लें ये 1 उपाय 

संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा करने बाद कुछ समय ध्यान करें और शांत मन के साथ बैंठे ताकि नकारात्मक विचारों को त्यागा जा सके. मात्र 10 मिनट की सांस से जुड़ी कसरत आपके मन और शरीर दोनों को शांत करने का काम करती है. संकष्टी चतुर्थी के दिन उपवास करना भी एक जरूरी हिस्सा है. यह आपके मन को नकारात्मक चीजों से मुक्ति दिलाने के साथ शांत करने में मदद करता है.

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