Phalguna Amavasya 2026: कब है फाल्गुन अमावस्या? इस दिन गलती से भी न करें ये काम, वरना साल भर झेलना पड़ेगा पितृ दोष

Phalguna Amavasya 2026: फाल्गुन माह की अमावस्या तिथि को स्नान-दान और पितरों के तपर्ण का विशेष महत्व होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन भूलकर भी इन चीजों को नहीं करना चाहिए. वरना पितृ दोष झेलना पड़ सकता है.

Phalguna Amavasya 2026: फाल्गुन माह की अमावस्या तिथि को स्नान-दान और पितरों के तपर्ण का विशेष महत्व होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन भूलकर भी इन चीजों को नहीं करना चाहिए. वरना पितृ दोष झेलना पड़ सकता है.

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Akansha Thakur
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Phalguna Amavasya 2026

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Phalguna Amavasya 2026: सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना जाता है. खासतौर पर फाल्गुन अमावस्या को पितरों की शांति, नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन पूजा-पाठ और दान -पुण्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या की रात कुछ ऐसे  काम होते हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इन गलतियों को करने से जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं और नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं फाल्गुन अमावस्या की रात किन कामों को करने से बचना चाहिए. 

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फाल्गुन अमावस्या की रात भूलकर भी न करें ये काम 

सुनसान जगहों पर न जाएं 

कहा जाता है कि अमावस्या की रात सबसे अधिक शक्तिशाली माना जाता है, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस रात नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है. इसलिए कोशिश करें कि रात के समय किसी सुनसान जगह, श्मशान घाट या खंडहरों के पास न जाएं. 

तामसिक भोजन न खाएं 

फाल्गुन अमावस्या के दिन शुद्धता का पालन करना चाहिए. इस दिन और रात में मांस, लहसुन-प्याज और मदिरा जैसे तामसिक भोजन का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से पितृ दोष लग सकता है और घर की बरकत रुक जाती है. 

देर रात तक न जागें 

अमावस्या की रात को जल्दी सोना बेहतर माना जाता है. बिना वजह देर रात तक बाहर घूमना या जगना आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकता है. इस रात मन को शांत रखें और ईश्वर का ध्यान करें. 

लड़ाई-झगड़ों से बचें 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस घर  में अमावस्या के दिन लड़ाई-झगड़े होते हैं वहां दरिद्रता का वास होने लगता है. इस रात विशेष रूप से बड़े-बुजुर्गों का अपमान न करें क्योंकि अमावस्या पितरों को समर्पित होती है और उनकी नाराजगी परिवार पर बुरा असर डाल सकती है. 

शुभ फल पाने के लिए क्या करें? 

  • शाम के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
  • अगले दिन सुबह किसी जरूरतमंद को अन्न या काले तिल का दान करें.
  • इसके बाद अमावस्या के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें. 

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