/newsnation/media/media_files/2026/02/28/narsingh-dwadashi-2026-2026-02-28-10-45-44.jpg)
Narsingh Dwadashi 2026
Narsingh Dwadashi 2026: फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को नृसिंह द्वादशी कहा जाता है. यह पर्व होली से गहराई से जुड़ा माना जाता है. आमलकी एकादशी के अगले दिन यह व्रत रखा जाता है. ऐसे में आज यानी 28 फरवरी 2026 को नृसिंह द्वादशी का व्रत रखा जाएगा. शास्त्रों के अनुसार, होली से पहले नृसिंह उपासना करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं. भय, शत्रु बाधा और असमय मृत्यु का डर कम होता है. धन-धान्य और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है.
नृसिंह द्वादशी व्रत 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार द्वादशी तिथि आरंभ 27 फरवरी 2026, रात 10 बजकर 32 मिनट तक होगा और समापन 28 फरवरी 2026, रात 08 बजकर 43 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार व्रत आज यानी 28 फरवरी 2026 को रखा जाएगा.
नृसिंह द्वादशी व्रत 2026 पूजा विधि
सूर्योदय से पहले स्नान करें. व्रत का संकल्प लें. उत्तर-पूर्व दिशा में चौकी रखें. लाल या पीला कपड़ा बिछाएं. नृसिंह के सौम्य स्वरूप की स्थापना करें. शालिग्राम शिला हो तो पंचामृत से अभिषेक करें. इसके बाद गंगाजल से अभिषेक करें. चंदन और सुगंधित पुष्प अर्पित करें. तुलसी पत्र अवश्य चढ़ाएं. फल और दूध से बने व्यंजन का भोग लगाएं. श्रद्धा से आरती करें. नृसिंह चालीसा और स्तोत्र का पाठ करें. विष्णु सहस्त्रनाम या गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ करें. मंत्र जप करें. सामर्थ्य अनुसार दान-पुण्य करें.
नृसिंह द्वादशी के दिव्य मंत्र
ॐ क्ष्रौं नृसिंह देवाय नमः
ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्,
नृसिंह भीषणं भद्रं मृत्यु मृत्युं नमाम्यहम्
ॐ वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्णदंष्ट्राय धीमहि,
तन्नो नारसिंहः प्रचोदयात्
नृसिंह द्वादशी व्रत का महत्व
इस व्रत को भय नाशक माना गया है. विधि से पूजन करने पर पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है. घर में सुख-शांति बनी रहती है. शत्रुओं और विरोधियों पर विजय मिलती है. कानूनी मामलों में राहत मिलती है. जीवन में स्थिरता आती है. अंत में साधक को मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है.
यह भी पढ़ें: Holi 2026: इस होली सफेद नहीं, अपनी राशि अनुसार कपड़ों का चुने रंग, बढ़ाएं पॉजिटिव एनर्जी
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us