/newsnation/media/media_files/2026/01/14/makar-sankranti-2026-7-2026-01-14-11-59-05.jpg)
Makar Sankranti 2026
Makar Sankranti 2026: आज यानी 14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जा रहा है, लेकिन हर साल की तरह इस साल भी मकर संक्रांति की तिथि को लेकर लोगों में कंफ्यूजन बना हुआ है. कुछ लोगों का कहना है कि मकर संक्रांति आज मनाना शुभ माना जा रहा है तो कुछ लोग कल यानी 15 जनवरी को मकर संक्रांति की सही तिथि बता रहे हैं. अगर आप अपना कंफ्यूजन दूर करना चाहते हैं तो चलिए ज्योतिषाचार्य पंडित शैलेन्द्र जी से जानते हैं कि मकर संक्रांति आज या कल कब मनाना शुभ रहेगा.
मकर संक्रांति 2026 की तिथि
ज्योतिषाचार्य पंडित शैलेन्द्र जी के मुताबिक, 14 जनवरी यानी आज 9 बजकर 35 मिनट पर सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. ऐसे में शास्त्रों के अनुसार संक्रांति का त्योहार उदया तिथि के आधार पर अगले दिन यानी कल 15 जनवरी को मनाना शुभ होगा. उन्होंने बताया कि सभी प्रकार के दान-पुण्य, स्नान और पूजन का फल 15 जनवरी को करने से ही मिलेगा. पर्व विशेष में दिन नहीं बल्कि संक्रांति का संयोग जरूरी होता है. इसलिए 15 जनवरी को मकर संक्रांति या खिचड़ी का त्योहार मनाते हुए खिचड़ी का दान और सेवन किया जा सकता है.
मकर संक्रांति 2026 शुभ मुहूर्त (Makar Sankranti 2026 Shubh Muhurat)
ज्योतिषाचार्य पंडित शैलेन्द्र जी के अनुसार, 14 जनवरी यानी आज रात करीब 9 बजकर 35 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे इसलिए संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी को रहेगा. शास्त्रों में बताया गया है कि संक्रांति के बाद लगभग 16 घंटे तक पुण्यकाल रहता है और इस दिन स्नान-दान करना सबसे शुभ माना जाता है. ऐसे में आज षटतिला एकादशी होने की वजह से इस दिन चावल का सेवन या फिलर दान करना अशुभ माना जाता है. एकादशी में चावल की खिचड़ी बनाना या दान करना अच्छा माना जाता है.
मकर संक्रांति पर स्नान-दान का मुहूर्त
इस साल मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी को नहीं बल्कि 15 जनवरी को मनाया जाएगा और इसी दिन स्नान-दान का महत्व माना जाएगा. 15 जनवरी को द्वादशी तिथि पड़ रही है. शास्त्रों के अनुसार. द्वादशी के दिन चावल का दान अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त सुबह 04 बजे से दोपहर 03 बजे तक रहेगा.
मकर संक्रांति पर क्या करें?
मकर संक्रांति पर सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें
फिर सूर्य और शनि देव के मंत्रों का जाप करें
अन्न, कंबल और घी का दान करें. इस बार तिल और गुड़ का दान शुभ होगा.
इस दिन एक पीपल का पौधा भी लगाना शुभ है.
भोजन में नए अन्न की खिचड़ी बनाएं
भोजन भगवान को समर्पित करके प्रसाद के रूप में ग्रहण करें.
यह भी पढ़ें: Magh Mela 2026: 6 साल की उम्र में वेद-गीता का ज्ञान रखने वाले श्रीश बाहुबली महाराज कौन? माघ मेले में हुए वायरल
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. न्यूज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us