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Kashi Vishwanath temple
देवाधिदेव महादेव के विवाह का पावन उत्सव काशी में पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गया है. शुक्रवार को परंपरागत विधि से बाबा को हल्दी लगाई गई. मंदिर परिसर से लेकर गंगा घाटों तक मंगल गीतों की ध्वनि सुनाई दी. श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर इस शुभ अवसर का स्वागत किया.
हल्दी रस्म से शुरू हुआ विवाह उत्सव
शुक्रवार को सुबह से ही काशी में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. हल्दी की रस्म के दौरान वैदिक मंत्रों का उच्चारण हुआ. पीले वस्त्रों में सजे पुजारियों ने बाबा का श्रृंगार किया. हल्दी, चंदन और सुगंधित पुष्पों से भगवान शिव का अभिषेक किया गया. भक्तों का मानना है कि इस दिन दर्शन करने से वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि आती है. पूरे दिन मंदिर में भजन-कीर्तन का माहौल बना रहा.
कब निकलेगी भव्य शिव बारात?
कल महाशिवरात्रि के मौके पर काशी की गलियों में अलौकिक नजारा देखने को मिलेगा. महादेव की भव्य शिव बारात निकाली जाएगी. बारात में भूत-प्रेत, गण, देवता और काशीवासी शामिल होंगे. डमरू की गूंज और शंखनाद से वातावरण भक्तिमय हो जाएगा.नंदी बाबा के साथ शिवजी की सवारी आकर्षण का केंद्र रहेगी. बारात के स्वागत के लिए शहर को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया है.
माता पार्वती के स्वागत की तैयारियां
शिव विवाह में माता पार्वती के स्वागत की भी विशेष तैयारी की गई है. मंदिरों में विशेष पूजा और श्रृंगार किया जा रहा है. महिलाएं पारंपरिक गीत गाकर मंगलकामनाएं कर रही हैं. काशीवासियों के लिए यह केवल उत्सव नहीं, बल्कि आस्था का पर्व है. हर गली में उत्साह और श्रद्धा का संगम दिखाई दे रहा है.
काशी में विशेष धार्मिक माहौल
इस अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना हो रही है. प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. मान्यता है कि काशी में शिव विवाह का साक्षी बनने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं. इसी विश्वास के साथ देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं.
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