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Swami Avimukteshwaranand
Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा के पावन पर्व से पहले संगम क्षेत्र में धार्मिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के गंगा स्नान को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है. सूत्रों की मानें तो प्रयागराज और लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारी इस विषय पर लगातार संवाद कर रहे हैं. उनका प्रयास है कि स्नान की व्यवस्था सुरक्षित तरीके से हो सके.
माघ पूर्णिमा का महत्व
धार्मिक दृष्टि से माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन संगम में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. ऐसे में प्रशासन भी सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क रहता है.
शंकराचार्य को मनाने में लगे प्रयागराज-लखनऊ प्रशासन
सूत्र बताते हैं कि शंकराचार्य को मनाने के लिए दोनों शहरों के अधिकारी सक्रिय हैं. उनका उद्देश्य है कि किसी भी तरह की असुविधा या अव्यवस्था न हो. प्रशासनिक टीम संगम क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन, यातायात और सुरक्षा को लेकर योजना बना रही है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं अविमुक्तेश्वरानंद
आज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा स्नान को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस किए जाने की संभावना जताई जा रही है. माना जा रहा है कि इसी दौरान वे अपने निर्णय को सार्वजनिक कर सकते हैं. श्रद्धालु और उनके भक्त इस घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा. साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे. संगम क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की भी तैयारी चल रही है.
माघी पूर्णिमा को लेकर उत्साह का माहौल
माघी पूर्णिमा पर होने वाले आयोजन को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है. होटल और धर्मशालाओं में पहले से ही बुकिंग बढ़ गई है. दुकानों और घाटों पर भी रौनक देखने को मिल रही है.
अब सभी की नजरें आज होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं. इस घोषणा से साफ हो जाएगा कि शंकराचार्य संगम में गंगा स्नान करेंगे या नहीं. अगर ऐसा होता है, तो यह दिन श्रद्धालुओं के लिए और भी खास बन जाएगा.
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