Magh Mela 2026: बसंत पंचमी पर माघ मेले में आस्था की डुबकी जारी, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का स्नान से इनकार, पुलिस से माफी की मांग

Magh Mela 2026: संगम की रेती पर आयोजित माघ मेले में बसंत पंचमी के मौके पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है. देश के कोने-कोने से श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लग रहे हैं.

Magh Mela 2026: संगम की रेती पर आयोजित माघ मेले में बसंत पंचमी के मौके पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है. देश के कोने-कोने से श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लग रहे हैं.

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Akansha Thakur
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Magh Mela 2026: प्रयागराज में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर माघ मेले का माहौल पूरी तरह भक्ति और आस्था से भरा नजर आया. सुबह से ही संगम तट पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिली. लोग गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमा रहे हैं. चारों ओर धार्मिक गीत, शंखनाद और मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई दे रही है.

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मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया. पुलिस और स्वयंसेवकों की टीम संगम क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही है. श्रद्धालुओं को स्नान के लिए अलग-अलग घाटों की ओर निर्देशित किया जा रहा है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके. 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आज भी नही करेंगे स्नान

इसी बीच संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का रुख चर्चा का विषय बना हुआ है. उन्होंने आज भी संगम में स्नान न करने का फैसला लिया है. संत का कहना है कि हाल ही में पुलिस की ओर से उनके समर्थकों के साथ कथित मारपीट की गई थी. इस घटना से वे आहत हैं और प्रशासन से सार्वजनिक माफी की मांग कर रहे हैं. 

पुलिस की मारपीट पर माफी मांगने की मांग

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जब तक पुलिस अपने व्यवहार के लिए माफी नहीं मांगती, तब तक वे संगम में स्नान नहीं करेंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध शांतिपूर्ण है और वे किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं चाहते.

दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी प्रकार की मारपीट की जांच की जा रही है. यदि कहीं गलती पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी.

दूर-दराज के इलाकों से पहुंचे लोग 

मेले में आए श्रद्धालुओं का कहना है कि बसंत पंचमी का स्नान उनके लिए बेहद खास होता है. कई लोग दूर-दराज के इलाकों से यहां पहुंचे हैं. उनका मानना है कि इस दिन संगम में स्नान करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.

कुल मिलाकर, माघ मेले में जहां एक ओर श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर संत और प्रशासन के बीच चल रहा यह मुद्दा भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. आने वाले समय में सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि प्रशासन और संत के बीच यह विवाद कैसे सुलझता है.

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