Magh Mela 2026: माघ मेले में सतुआ बाबा के बाद अब 'चंदन स्पेशलिस्ट बाबा' ने मचाई धूम, गजब का है टैलेंट

Magh Mela 2026: माघ मेले में सतुआ बाबा के बाद अब चंदन स्पेशलिस्ट बाबा गोपाल त्यागी की अनोखी तिलक कला आकर्षण का केंद्र बन रही है. 70 साल से परंपरागत तरीके से तिलक लगाकर श्रद्धालुओं को आस्था का संदेश दे रहे हैं.

Magh Mela 2026: माघ मेले में सतुआ बाबा के बाद अब चंदन स्पेशलिस्ट बाबा गोपाल त्यागी की अनोखी तिलक कला आकर्षण का केंद्र बन रही है. 70 साल से परंपरागत तरीके से तिलक लगाकर श्रद्धालुओं को आस्था का संदेश दे रहे हैं.

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Akansha Thakur
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Magh Mela 2026

Magh Mela 2026: प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित माघ मेले में आस्था के साथ-साथ कला और परंपरा का भी अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. हाल ही में सतुआ बाबा अपना लग्जरी कार को लेकर काफी चर्चा में है. इसी बीच मेले में एक ऐसी शख्सियत पहुंची हैं, जिनकी पहचान अब “चंदन स्पेशलिस्ट बाबा” के नाम से हो गई है. उनका असली नाम गोपाल त्यागी है और वे पिछले करीब 70 सालों से तिलक लगाने की प्राचीन कला को जीवित रखे हुए हैं.

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एक साथ कई लोगों को लगाते हैं चंदन 

गोपाल त्यागी की खासियत यह है कि वे एक साथ कई लोगों को चंदन का तिलक लगा सकते हैं. हैरानी की बात यह है कि हर व्यक्ति का तिलक अलग होता है. उनका मानना है कि तिलक सिर्फ एक निशान नहीं, बल्कि श्रद्धा और ऊर्जा का प्रतीक है. इसी वजह से वे हर उंगली के महत्व को भी अच्छी तरह जानते हैं और उसी के अनुसार तिलक लगाते हैं.

गजब का है टैलेंट

मेले में आने वाले श्रद्धालु उनके इस अनोखे हुनर को देखकर रुक जाते हैं. कई लोग सिर्फ उनके तिलक लगवाने के लिए दूर-दूर से पहुंचते हैं. गोपाल त्यागी खुद अपने हाथ से तिलक लगाते हैं. वे आधुनिक दौर में इस्तेमाल होने वाले छाप वाले तिलक को विकास का हिस्सा मानते हैं, लेकिन उनकी आस्था आज भी शास्त्र सम्मत विधि में ही है. 

उनका कहना है कि पुराने समय में तिलक लगाने का एक विशेष तरीका होता था. हर उंगली और हर रेखा का अपना महत्व था. वे उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. उनके लिए यह सिर्फ काम नहीं, बल्कि सेवा और साधना है.

70 साल से लगा रहे टीका

माघ मेले में उनकी मौजूदगी से माहौल और भी खास बन गया है. संगम पर स्नान के बाद श्रद्धालु उनके पास पहुंचते हैं और तिलक लगवाकर खुद को धन्य महसूस करते हैं. कई युवा भी उनकी कला में रुचि दिखा रहे हैं और उनसे इस परंपरा के बारे में सीखना चाहते हैं. 70 साल से परंपरागत तरीके से तिलक लगाकर श्रद्धालुओं को आस्था का संदेश दे रहे हैं. 

चंदन स्पेशलिस्ट बाबा की कहानी

गोपाल त्यागी की कहानी यह बताती है कि बदलते समय में भी परंपराएं अपनी जगह बनाए रख सकती हैं. उनकी तिलक कला न सिर्फ आस्था से जुड़ी है, बल्कि भारतीय संस्कृति की गहराई को भी दर्शाती है. माघ मेले में उनका यह अनोखा हुनर श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार अनुभव बनता जा रहा है.

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