Lalita Jayanti 2026: कब रखा जाएगा ललिता जयंती का व्रत? नोट कर लें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Lalita Jayanti 2026: ललिता जयंती हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर मनाई जाती है. इस दिन किस देवी की पूजा होती है और व्रत रखने के नियम क्या है आइए जानते हैं.

Lalita Jayanti 2026: ललिता जयंती हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर मनाई जाती है. इस दिन किस देवी की पूजा होती है और व्रत रखने के नियम क्या है आइए जानते हैं.

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Akansha Thakur
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Lalita Jayanti 2026

Lalita Jayanti 2026

Lalita Jayanti 2026: ललिता जयंती हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है. इस दिन मां षोडशी, जिन्हें त्रिपुर सुंदरी भी कहा जाता है, की विशेष पूजा होती है. वर्ष 2026 में यह पर्व रविवार, 1 फरवरी को पड़ेगा. भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और मां से सुख, शांति और आध्यात्मिक बल की कामना करते हैं. चलिए आपको ललिता जयंती पर शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व के बारे में बताते हैं. 

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कौन है देवी ललिता? 

शास्त्रों के अनुसार, देवी ललिता के तीन रूप बताए गए हैं. पहला रूप आठ वर्ष की बालिका का है, जिसे त्रिपुर सुंदरी कहा जाता है. दूसरा रूप सोलह वर्ष की किशोरी का है, जिसे मां षोडशी कहते हैं. तीसरा रूप युवा देवी ललिता का है. मान्यता है कि ये तीनों स्वरूप मन, बुद्धि और चित्त से जुड़े होते हैं. देवी ललिता को मनोकामनाएं पूरी करने वाली और मोक्ष का मार्ग दिखाने वाली शक्ति माना जाता है.

ललिता जयंती की सही तिथि 2026

पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी 2026 को सुबह 5:52 बजे शुरू होगी. इसका समापन 2 फरवरी को सुबह 3:38 बजे होगा. उदयातिथि के आधार पर व्रत और पूजा 1 फरवरी को करना शुभ माना गया है.

पूजा के शुभ मुहूर्त

भक्त इन समयों में पूजा कर सकते हैं:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:24 से 6:17 तक
प्रातः संध्या: सुबह 5:57 से 7:13 तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:30 से 1:15 तक
सायं संध्या: शाम 6:32 से रात 7:48 तक

ललिता जयंती की पूजा विधि

दिन की शुरुआत स्नान और स्वच्छ वस्त्र पहनकर करें. पूजा स्थान को साफ करें और गंगाजल छिड़कें. चौकी पर सफेद कपड़ा बिछाएं. उस पर मां ललिता की प्रतिमा या चित्र रखें. धूप और दीप जलाएं. फूल, अक्षत, फल और कुमकुम अर्पित करें. इसके बाद मां की कथा का पाठ करें. अंत में आरती करें और प्रसाद बांटें. व्रत रखने वाले भक्त शाम को विशेष भोग भी चढ़ाते हैं.

ललिता जयंती का महत्व

देवी ललिता को दस महाविद्याओं में से एक माना जाता है. उनकी पूजा से ज्ञान बढ़ता है. सुख और समृद्धि मिलती है. आध्यात्मिक शक्ति मजबूत होती है. मान्यता है कि मां की कृपा से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में शांति आती है.

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