Kalashtami 2026: कालाष्टमी व्रत आज, नोट कर लें बाबा भैरव की पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और धार्मिक महत्व

Kalashtami 2026: हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मासिक कालाष्टमी होती है. ऐसे में आज यानी 9 फरवरी 2026 को कालाष्टमी मना रहे हैं. इस दिन महादेव के रौद्र रूप कालभैरव की पूजा से डर और दोष दूर होता है.

Kalashtami 2026: हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मासिक कालाष्टमी होती है. ऐसे में आज यानी 9 फरवरी 2026 को कालाष्टमी मना रहे हैं. इस दिन महादेव के रौद्र रूप कालभैरव की पूजा से डर और दोष दूर होता है.

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Akansha Thakur
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Kalashtami 2026

Kalashtami 2026: सनातन धर्म में कालाष्टमी व्रत का बहुत महत्व है. पंचांग के अनुसार, मासिक कालाष्टमी हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. फाल्गुन माह में यह तिथि सोमवार आज यानी 9 फरवरी 2026 को पड़ रही है. कालाष्टमी व्रत और पूजन भगवान शिव के उग्र व रौद्र रूप भगवान काल भैरव को समर्पित है. कालाष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा से व्यक्ति के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. साथ ही नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं. 

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कालाष्टमी 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त 

हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि कल यानी 8 फरवरी शाम 05 बजकर 19 मिनट से शुरू हो चुकी है और 10 फरवरी सुबह 07 बजकर 15 मिनट तक रहेगी. उदायतिथि के अनुसार, आज यानी 9 फरवरी को कालाष्टनी मनाई जा रही है. काल भैरव की पूजा के लिए आज कई शुभ मुहूर्त रहेंगे. इस मुहूर्त में आप पूजा, जप, काल भैरव स्तुति आदि कर सकते हैं.

ब्रह्मा मुहूर्त की बात करें तो पूजा के लिए सुबह 05 बजकर 21 मिनट से 06 बजकर 12 मिनट तक समय रहेगा. अभिजीत मुहूर्त में पूजा के लिए दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक होगा. विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 27 मिनट से 03 बजकर 10 मिनट तक रहेगा. गोधूलि मुहूर्त शाम में 06 बजकर 04 मिनट से 06 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. वहीं रात में पूजा के लिए अमृत काल मुहूर्त 10 बजकर 04 मिनट से 11 बजकर 52 मिनट तक रहेगा. 

कालाष्टमी 2026 पूजा विधि 

अगर आप कालाष्टमी का व्रत कर रहें हैं तो आप सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें उसके बाद आप मंदिर जाकर पूजा कर सकते हैं. अगर मंदिर जाना संभव न हो तो घर भी नियमों का पालन करते हुए साधारण पूजा की जा सकती है. घर पर पूजा करने के लिए काल भैरव की छोटी मूर्ति ही रखकर आसान विधि से पूजा करें. काल भैरव को नींबू, काले तिल और उड़द की दाल जरूर अर्पित करें. काले चने, हलवा, खीर मालपुए आदि का भोग लगाएं. पूजा के दौरान काल भैरव के मंत्रों का जाप करें. 

कालाष्टमी धार्मिक महत्व 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कालाष्टमी का दिन भगवान भैरव को प्रसन्न करने का विशेष अवसर होता है. इस दिन व्रत और पूजा करने से भय, बाधा, मानसिक तनाव और नकारात्मकता से राहत मिलती है. भक्त इस दिन मंदिर जाकर काल भैरव की पूजा करते हैं और संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं. 

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