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Chaitra Navratri 2024: चैत्र नवरात्रि में विसर्जन कब है? जानिए पारण का शुभ मुहूर्त और विधि

Chaitra Navratri 2024: चैत्र नवरात्रि का विसर्जन नवमी तिथि को किया जाता है. आइए विस्तार से जानते हैं इससे जुड़ी सारी जानकारी.

Updated on: 17 Apr 2024, 10:39 AM

New Delhi:

Chaitra Navratri 2024: चैत्र नवरात्रि का व्रत 9 दिनों का होता है और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. व्रत का समापन दशमी तिथि को पारण के साथ होता है. चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों का व्रत करने के बाद, नौवें दिन को व्रत का पारण किया जाता है. यह दिन मां दुर्गा की कृपा का धन्यवाद करने के लिए विशेष महत्व रखता है. चैत्र नवरात्रि का पारण नौवें दिन को होता है, जिसे नवमी तिथि कहा जाता है. उपवास के बाद, नौवें दिन को व्रत का समापन किया जाता है. इसका मतलब है कि अब व्रत की समय समाप्त हो गई है और व्रती अपने विशेष आहार को खा सकता है. व्रत के समापन के बाद, व्रती अन्न दान करते हैं. इससे वे अपने व्रत का पारण करते हैं और दूसरों को आशीर्वाद देते हैं.

पारण की विधि

कलश विसर्जन

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें. पूजा स्थल को साफ करें और माँ दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर को सामने रखें. कलश को जल, फूल और चावल से धो लें. नारियल को फोड़कर उसका पानी कलश में डालें. कलश में मौजूद सभी चीजों (जैसे, सुपारी, लौंग, इलायची, आदि) को निकालकर किसी साफ स्थान पर रख दें. कलश को किसी पवित्र नदी, तालाब या घर के गमले में विसर्जित करें.

कन्या पूजन

9 कन्याओं को अपने घर बुलाएं. उनका पैर धोकर, उन्हें तिलक लगाकर, और उन्हें भोजन खिलाकर उनका आशीर्वाद लें. प्रत्येक कन्या को दक्षिणा, फल, मिठाई और वस्त्र भेंट करें. 

पारण

कन्या पूजन के बाद ही व्रत का पारण करें. हलवा, पूड़ी, खीर, चने का भोजन आदि का प्रसाद बनाकर माँ दुर्गा को भोग लगाएं. थोड़ा प्रसाद खुद भी ग्रहण करें और फिर व्रत खोलें. 

शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि 2024 का पारण 17 अप्रैल 2024, बुधवार को होगा.

पारण का शुभ मुहूर्त

सुबह 8:30 बजे से 10:30 बजे तक

दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक

शाम 6:30 बजे से 8:00 बजे तक

अगर आप इन शुभ मुहूर्तों में से किसी भी समय पारण नहीं कर सकते हैं, तो आप अपनी सुविधानुसार किसी भी अन्य समय पर पारण कर सकते हैं. पारण करते समय, सात्विक भोजन का ही सेवन करें. मांस, मदिरा और तामसिक भोजन का सेवन न करें. दान करना और जरूरतमंदों की मदद करना भी इस दिन शुभ माना जाता है. यह भी महत्वपूर्ण है कि आप धैर्य रखें और पूरे 9 दिनों का व्रत विधि-विधानपूर्वक पूरा करें. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. न्यूज नेशन इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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