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Sawan 2021: जानें कब से कब तक है इस साल श्रावण का महीना

सावन में सोमवार का विशेष महत्व होता है. माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Ritika Shree | Updated on: 01 Jul 2021, 05:00:31 PM
Sawan 2021

Sawan 2021 (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • सावन में ही हरियाली तीज, रक्षा बंधन जैसे त्योहार भी आते हैं
  • हिंदू पंचांग के मुताबिक इस बार सावन में कुल 4 सोमवार पड़ेंगे
  • शिवभक्त इस दिन व्रत रखकर भोले शंकर की आराधना करते हैं

नई दिल्ली:

Sawan 2021: सावन के पावन महीने में शिव भक्त हरिद्वार, सुल्तानगंज समेत विभिन्न जगहों पर कांवड़ लेने पहुंचते हैं. वहां से गंगाजल भरकर वे पैदल यात्रा करते हुए अपने गांवों में पहुंचते हैं और पारंपरिक मंदिर में बने शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं. सावन में ही हरियाली तीज, रक्षा बंधन जैसे त्योहार भी आते हैं. सावन में सोमवार का विशेष महत्व होता है. माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. इसलिए शिवभक्त इस दिन व्रत रखकर भोले शंकर की आराधना करते हैं और सुबह-सुबह मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं. दिन भर भोले बाबा को याद करते हैं और शाम को विधि विधान के साथ व्रत खोलते हैं.

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हिंदू पंचांग के मुताबिक इस बार सावन में कुल 4 सोमवार पड़ेंगे. सावन का पहला सोमवार 26 जुलाई को होगा. वहीं दूसरा सोमवार 2 अगस्त और तीसरा 9 अगस्त को पड़ेगा. सावन का चौथा और अंतिम सोमवार 16 अगस्त को होगा. इन चारों सोमवार पर हर साल की तरह इस बार भी मंदिरों में रौनक रहने की पूरी उम्मीद है. सावन में भगवान शिव की पूजा में कई बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है. भोले शंकर की पूजा में कभी भी केतकी के फूलों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इसके अलावा तुलसी के पत्तों का भी भगवान शिवजी को अर्पण नहीं किया जाता. शिवलिंग पर कभी नारियल का पानी नहीं चढ़ाना चाहिए. भगवान शिवजी को हमेशा कांसे या पीतल के बर्तन से जल चढ़ाना चाहिए.

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कहते हैं कि देव-असुर संग्राम में समुद्र मंथन से विष निकला था. इस विष से सृष्टि को बचाने के लिए भोले शंकर ने उसे पी लिया था. विष के प्रभाव से उनका शरीर बहुत ही ज्यादा गर्म हो गया था जिससे शिवजी को काफी परेशानी होने लगी थी. भगवान शिव को इस परेशानी से बाहर निकालने के लिए इंद्रदेव ने जमकर वर्षा की. कहते हैं कि यह घटनाक्रम सावन के महीने में हुआ था. तभी से यह मान्यता है कि सावन के महीने में शिव जी ज्यादा प्रसन्न रहते हैं और भक्तों का कष्ट दूर करते हैं.

First Published : 01 Jul 2021, 05:00:31 PM

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