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Narasimha Jayanti 2024: कल नरसिंह जयंती पर इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, जानें कथा और पूजा विधि

Narasimha Jayanti 2024: नरसिंह जयंती के दिन विष्णु जी की पूजा का विशेष महत्व होता है. पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है, पौराणिक कथा के अनुसार इस दिन क्या किया जाता है आइए सब जानते हैं.

Updated on: 20 May 2024, 11:20 AM

New Delhi :

Narasimha Jayanti 2024: नरसिंह जयंती भगवान विष्णु के चौथे अवतार नरसिंह भगवान का जन्मोत्सव है. यह हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. इस साल 21 मई 2024 को नरसिंह जयंती मनाई जाएगी. इस दिन भगवान नरसिंह की पूजा-अर्चना की जाती है. भगवान नरसिंह को भक्तों की रक्षा करने वाला और अधर्म का नाश करने वाला देवता माना जाता है. नरसिंह जयंती हमें सिखाती है कि अधर्म का नाश अवश्य होता है. भगवान हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं. भगवान नरसिंह ने हिरण्यकश्यप का वध कर बुराई का नाश किया था. यह हमें सिखाता है कि हमें हमेशा बुराई के खिलाफ लड़ना चाहिए.

पूजा का शुभ मुहूर्त

21 मई 2024: शाम 04:24 बजे से शाम 07:09 बजे तक (अभिषेक का शुभ मुहूर्त)

22 मई 2024: सुबह 06:27 बजे से 08:12 बजे तक (भोग का शुभ मुहूर्त)

पारण का समय

22 मई 2024: सूर्योदय के बाद पारण किया जा सकता है. दोपहर 12:18 बजे से पहले ही पारण कर लेना चाहिए. क्योंकि इसके बाद अगली तिथि शुरू हो जाएगी

नरसिंह जयंती की कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, हिरण्यकश्यप नामक एक राक्षस था जो बहुत शक्तिशाली था. वह खुद को भगवान समझता था और किसी की भी पूजा नहीं करता था. हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का भक्त था. हिरण्यकश्यप प्रह्लाद को भगवान विष्णु की पूजा करने से मना करता था, लेकिन प्रह्लाद नहीं मानता था. एक बार हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को मारने का प्रयास किया, लेकिन भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यप का वध करने के लिए नरसिंह का रूप धारण किया. नरसिंह भगवान आधा सिंह और आधा मनुष्य का रूप रखते थे. उन्होंने हिरण्यकश्यप को अपनी गोद में रखकर उसके नाखूनों से उसका वध कर दिया.

नरसिंह जयंती की पूजा विधि

नरसिंह जयंती के दिन भक्त भगवान नरसिंह की पूजा-अर्चना करते हैं. पूजा के लिए सबसे पहले भगवान नरसिंह की प्रतिमा या मूर्ति को स्नान कराकर स्वच्छ जल से धोया जाता है. इसके बाद भगवान को फूल, माला, चंदन, अक्षत, रोली आदि अर्पित किए जाते हैं. भगवान नरसिंह को भोग लगाया जाता है और आरती की जाती है. नरसिंह जयंती के दिन भक्त व्रत भी रखते हैं. व्रत का उद्यापन सूर्यास्त के बाद किया जाता है.

भगवान नरसिंघ के मंत्र, चालीसा और स्त्रोत

नरसिंह मंत्र: ॐ उग्रं वीरांरघुवीरं नमोस्तुते नमोस्तुते ॥

नृसिंह स्तोत्र: जय जय नृसिंह भगवान ॥ जय जय नृसिंह भगवान ॥

नृसिंह चालीसा: श्री गुरुदेव नमो नमः ॥

नरसिंह जयंती एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है जो हमें भगवान के प्रति भक्ति, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं. न्यूज नेशन इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)